सिंदूर ब्रिज का आज होगा उद्घाटन
Sindoor Bridge:आज दक्षिण मुंबई में निर्मित ‘सिंदूर ब्रिज’ का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उद्घाटन करेंगे. जिसको लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. इस पुल का नाम पहले कारनैन ब्रिज था, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बदलकर सिंदूर ब्रिज कर दिया गया है. उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ कई अन्य वरिष्ठ नेता और नगर निगम अधिकारी मौजूद रहेंगे.
बताया जा रहा है कि विधानसभा में कारनैन ब्रिज का नाम बदलने का प्रस्ताव राहुल नार्वेकर ने दिया था. यह ब्रिज दक्षिण मुंबई में मीडी मेलो रोड को मस्जिद से जोड़ता है.
कारनैन ब्रिज को किसने बनवाया था?
कारनैन ब्रिज भारत में अंग्रेजों के द्वारा निर्मित सबसे पुराने पुलों में से एक है. इसको 1868 में अंग्रेजों के द्वारा बनाया गया था. इसका नाम 1839 से 1841 तक बॉम्बे के गवर्नर के रूप में रहे रिवेट-कार्नेक पर रखा गया. इस पुल की कुल लंबाई 328 मीटर है. इस पुल का लगभग 70 मीटर का हिस्सा रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है.
150 साल पुराना है यह ब्रिज
150 साल पुराने ब्रिटिशकालीन कारनैन ब्रिज को मध्य रेलवे ने असुरक्षित घोषित कर दिया था. क्योंकि इसके संरचनात्मक ऑडिट में ये उपयोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया. जिसके बाद अगस्त 2022 में इसे ध्वस्त कर दिया गया.
पुल के बनने से यातायात व्यवस्था होगी सुचारू
पुल को ध्वस्त करने के बाद बीएमसी ने इसका दोबारा निर्माण कराया. अंग्रेजों के द्वारा बनाया गया ब्रिज दो लेन का था. जो अब 4 लेन का हो चुका है. पुल का लोड परीक्षण हो चुका है.
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि इस ब्रिटिशकालीन पुल के पुनर्निर्माण के बाद इसका नाम पुराना कारनैन ब्रिज ही रखने का निर्णय लिया गया था. लेकिन भारतीय सेना के द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर पर इसका नाम अब सिंदूर ब्रिज रखा गया है.
- भारत एक्सप्रेस
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