Maharashtra Floods: सितंबर का आखिरी हफ़्ता शुरू हो चुका है, लेकिन महाराष्ट्र में आसमान से बरसने वाली आफ़त थमने का नाम नहीं ले रही. मराठवाड़ा के कई ज़िले पिछले सात दिनों से लगातार हो रही बारिश से बेहाल हैं. हालात इतने बिगड़े कि खेत-खलिहान बर्बादी के मंजर में बदल गए. इस मुश्किल घड़ी में महाराष्ट्र के धार्मिक संस्थान किसानों के लिए सहारा बनकर सामने आए हैं.
10 करोड़ रुपये दान करने का किया ऐलान
राज्य के कई प्रमुख मंदिरों ने अपनी तिजोरियां खोल दी हैं. इनमें सबसे अहम कदम श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट की ओर से उठाया गया है. ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री सहायता निधि में 10 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाई जा सके.
महाराष्ट्र में बाढ़ के संकट को देखते हुए सिद्धिविनायक ट्रस्ट ने बढ़ाया लोगो के लिए मदद के हाँथ
सिद्धिविनायक ट्रस्ट ने 10 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री सहायता निधि में डोनेट किया @SVTMumbai @pawantripathi_ pic.twitter.com/80EA5nrLiU
— Abhishek Pandey – अभिषेक पाण्डेय (@abhishekpandey2) September 29, 2025
कृषि विभाग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, मराठवाड़ा में करीब 70 लाख एकड़ ज़मीन पानी की मार झेल चुकी है. सिर्फ फसलें ही नहीं, बल्कि खेतों की उपजाऊ मिट्टी तक बह गई है. धाराशिव, बीड, जालना, लातूर, नांदेड़, परभणी, सोलापुर और जलगांव जैसे ज़िलों में तस्वीर बेहद डरावनी है. किसानों की मेहनत से लहलहाते खेत अब वीरान और बंजर नज़र आ रहे हैं.
किसान मुआवजा की कर रहे हैं थे मांग
इस आपदा का असर सीधे-सीधे किसानों की ज़िंदगी पर पड़ा है. अनुमान है कि करीब 36 लाख किसान परिवार पूरी तरह तबाह हो गए हैं. उनकी सालभर की कमाई बर्बाद हो चुकी है और भविष्य को लेकर गहरी चिंता साफ झलक रही है. किसानों का कहना है कि यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि ज़मीन की उर्वरता भी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है.
ऐसे में किसान सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं. मगर राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति पहले से ही संकट में है. कई विकास योजनाएं ठप पड़ी हैं और खज़ाने पर अतिरिक्त बोझ डालना आसान नहीं दिख रहा. यही वजह है कि राहत और पुनर्वास का इंतज़ार लंबा खिंचता जा रहा है.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी करेंगे दिल्ली बीजेपी कार्यालय का भव्य उद्घाटन, संगठन को मिलेगी नई ऊर्जा
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



