प्रतिकात्मक फोटो
Maharashtra MNS Protest Update: मराठी भाषा विवाद के कारण मराठी अस्मिता के नाम पर राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नव निर्माण सेना में नई जान आ गए हैं. मिरा रोड़ में प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर MNS नेताओं का आक्रोश भड़क गया. इस पर भी प्रदेश में सियासत गरमा गई है. मनसे के ऐलान के बाद उद्धव गुट की शिवसेना के साथ ही कई मराठी दल बिना परमीशन के मीरा रोड़ पर प्रदर्शन के लिए उतर आए. सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इसी दौरान प्रदर्शन में अपनी सरकार का विरोध करने के लिए मंत्री पहुंचे थे. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें दौड़ा दिया.
मनसे ने आरोप लगाया कि पुलिस व्यापारियों के दबाव में है और मराठी लोगों को उनकी ही धरती पर परेशान किया जा रहा है. मनसे नेता अविनाश जाधव ने कहा कि जब प्रवासी व्यापारियों को प्रदर्शन करने की अनुमति दी जा सकती है, तो फिर मराठी लोगों को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि रैली आयोजित करने का कोई विरोध नहीं है. पुलिस ने मार्ग बदलने का अनुरोध किया था क्योंकि इससे यातायात बाधित हो सकता है. उन्होंने कहा कि हर किसी को रैली करने का अधिकार है, लेकिन उचित मार्ग के लिए अनुमति लेनी होगी.
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प्रताप सरनाईक पर हमला
पुलिस ने रैली को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इसके बावजूद हजारों लोग मराठी अस्मिता के नाम पर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. रैली में हिस्सा लेने पहुंचे एकनाथ शिंदे सेना के नेता प्रताप सरनाईक पर हमला किया गया और उन पर बोतलें फेंकी गईं. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया. बता दें वह स्थानीय विधायक भी हैं. इसी कारण इस मामले में सियासत गरमा गई है.
सरनाईक ने किया था सरकार का विरोध
इससे पहले महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को अपने ही सरकार की आलोचना करते हुए मीरा रोड में मराठी रैली के लिए अनुमति नहीं देने पर विरोध करने की घोषणा की और यहां तक कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है, तो वे ऐसा कर सकती है. सरनाईक ने पत्रकारों से कहा कि मराठी एकीकरण समिति और कई अन्य संगठनों ने रैली के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई. मैं जा रहा हूं – अगर पुलिस में हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार कर ले.
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