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बंगाल में काउंटिंग से पहले ‘NIA’ का बड़ा प्रहार! TMC के 52 नेताओं पर कसा शिकंजा, जानें ‘दीदी’ की क्यों बढ़ी बेचैनी?

पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में National Investigation Agency ने TMC नेताओं को समन भेजा. काउंटिंग से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से राज्य की सियासत में तनाव और तेज हो गया है…

Bengal NIA action TMC summon: पश्चिम बंगाल में कल यानी 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे (West Bengal Election result) आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही मालदा जिले में ‘इन्वेस्टिगेशन’ का तूफान आ गया है. दरअसल मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने टीएमसी के स्थानीय दिग्गजों को पूछताछ के लिए समन भेज दिया है. आज यानी 3 मई को टीएमसी नेताओं को कालियाचक थाने में पेश होने को कहा गया है. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव है और अब तक 52 लोग सलाखों के पीछे जा चुके हैं.

क्या है वो कांड जिसने बढ़ाई दीदी की बेचैनी?(Bengal NIA action)

यह पूरा मामला (Malda Hostage Crisis) पिछले महीने का है, जब कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी ‘मतदाता सूची’ के वेरिफिकेशन के लिए मोथाबाड़ी गए थे. आरोप है कि वहां करीब 9 घंटे तक अधिकारियों को घेरकर ‘बंधक’ बनाकर रखा गया और उनके साथ बदतमीजी की गई. इस घटना को सुप्रीम कोर्ट ने ‘गंभीर’ माना और चुनाव आयोग के निर्देश पर जांच का जिम्मा NIA को सौंप दिया गया.

टीएमसी के बड़े नामों पर ‘समन’ की मार

NIA ने इस मामले (Bengal NIA action) में टीएमसी उम्मीदवार सबीना यास्मिन के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान और कालियाचक ब्लॉक-1 के तृणमूल अध्यक्ष मोहम्मद सारिउल को पूछताछ के लिए तलब किया है. सूत्रों की मानें तो NIA के पास कुछ ऐसे सबूत लगे हैं, जो इशारा कर रहे हैं कि न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के पीछे स्थानीय राजनीतिक रसूख का हाथ था.

मास्टरमाइन्ड के बाद अगला नंबर किसका?

इस केस (Malda Hostage Crisis) में राज्य पुलिस ने पहले ही कथित मास्टरमाइंड मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था. अब तक कुल 52 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और NIA की कस्टडी में मौजूद आरोपियों से जो सुराग मिले हैं, उसके बाद टीएमसी के कई और नेताओं पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. मालदा में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि काउंटिंग से ठीक पहले यह एक्शन ‘सियासी बारूद’ में चिंगारी का काम कर सकता है.

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काउंटिंग से पहले ‘मनोवैज्ञानिक’ दबाव?

टीएमसी ने इस कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताते हुए आरोप लगाया है कि मतगणना से ठीक पहले उनके नेताओं को परेशान किया जा रहा है. वहीं, बीजेपी और विपक्ष का कहना है कि जिन्होंने कानून को हाथ में लेकर न्यायिक अधिकारियों को डराया, उन्हें कानून का सामना करना ही होगा. अब कल होने वाली काउंटिंग पर इस NIA एक्शन का क्या असर पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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