Manipur Violence: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की लपटों में घिर गया है. उखरुल जिले के लिटन सारेइखोंग गांव में मंगलवार तड़के ताजा हिंसा भड़क उठी. हथियारबंद उपद्रवियों ने कई राउंड फायरिंग की और 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया. बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लगा दिया है और अफवाहों को रोकने के लिए 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.
हिंसा की शुरुआत शनिवार रात को हुई, जब लिटन गांव में तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. इसके बाद तनाव बढ़ता गया. सोमवार रात हथियारबंद बदमाशों ने लिटन सारेइखोंग में तांगखुल नागा समुदाय के घरों को निशाना बनाया. जवाब में कुकी समुदाय के घरों पर भी हमले हुए.
मंगलवार को फिर भड़की हिंसा (Manipur Violence Update)
मंगलवार सुबह फिर से गोलीबारी हुई और खाली पड़े मकानों में आग लगा दी गई. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पहाड़ी इलाकों से उठता धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है. मणिपुर सरकार के गृह आयुक्त ने आदेश जारी कर उखरुल जिले में ब्रॉडबैंड, वीपीएन और मोबाइल डेटा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से 5 दिनों के लिए बंद कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि गलत सूचनाओं और अफवाहों से हिंसा और भड़क सकती है.
जान बचाकर भाग रहे लोग
हिंसा के डर से लिटन सारेइखोंग और आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग पलायन कर रहे हैं. महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपना घर छोड़कर पड़ोसी जिले कांगपोकपी के सुरक्षित इलाकों (मोटबुंग और सैकुल) की ओर भाग रहे हैं. पुलिस और असम राइफल्स ने इलाके की घेराबंदी कर ली है, लेकिन रुक-रुक कर फायरिंग जारी है.
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आखिर क्यों बढ़ा तनाव? (Manipur Violence News)
तांगखुल नागा संगठनों ने उखरुल और कामजोंग जिलों में कुकी समुदाय की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है. मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है.
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