ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी.
Waqf Amendment Bill 2024: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बुधवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है, बल्कि इससे उन्हें काफी लाभ होगा. उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक समूह विधेयक के बारे में अनावश्यक भय फैलाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं. रजवी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक बिना किसी व्यवधान के पारित हो जाएगा. विपक्ष निश्चित रूप से हंगामा करेगा क्योंकि वह वोट बैंक की राजनीति करना चाहता है, इसलिए वह अपने वोट बैंक को बनाए रखने के लिए निश्चित रूप से हंगामा करेगा.”
“वक्फ संशोधन बिल से मुस्लिमों को फायदा”
इस बिल से मुस्लिम समुदाय को नुकसान पहुंचने की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “वक्फ (संशोधन) विधेयक से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) और राजनीतिक समूहों से जुड़े अन्य लोग मुसलमानों को डरा रहे हैं, उन्हें गुमराह कर रहे हैं, अफवाहें फैला रहे हैं और गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “हालांकि, मैं मुसलमानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि न तो उनकी मस्जिदें और न ही ईदगाह, दरगाह या कब्रिस्तान छीने जाएंगे. यह केवल और केवल एक अफवाह है.”
रजवी ने बताए बिल के फायदे
बिल के फायदों पर प्रकाश डालते हुए रजवी ने कहा, “संशोधन लागू होने के बाद होने वाली आय गरीब, कमजोर, असहाय, धर्मपरायण और विधवा मुसलमानों पर खर्च की जाएगी. इससे उनकी तरक्की और विकास होगा. शिक्षा के क्षेत्र में काम किया जाएगा और इससे होने वाली आय से स्कूल, कॉलेज, मदरसे और मस्जिद खोले जाएंगे और उनका रखरखाव किया जाएगा.”
विधेयक के उद्देश्य के बारे में विस्तार से कहा, “हमारे बुजुर्गों की कल्पना के अनुसार वक्फ का उद्देश्य यह था कि इससे होने वाली आय को जनकल्याण कार्यों में लगाया जाए. लेकिन भ्रष्टाचार के कारण ऐसा नहीं हो सका.”
संशोधन से रुकेगा भ्रष्टाचार- रजवी
उन्होंने कहा, “अब यह नया विधेयक भ्रष्टाचार को रोकेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि पैसा वैध उद्देश्यों पर खर्च हो. यह मुसलमानों की तरक्की के लिए है, जिन्हें इससे लाभ होगा. निजी लाभ के लिए करोड़ों रुपये की वक्फ बोर्ड की जमीनों की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और आय का उपयोग सही उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.”
विधेयक के पारित होने की आशा व्यक्त करते हुए, रजवी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह विधेयक संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में पारित हो जाएगा और यह मुसलमानों के हित में साबित होगा, तथा लोगों के कल्याण के लिए एक मील का पत्थर बनेगा.”
राजनीतिक दल कर रहे गुमराह- रजवी
रजवी ने इससे पहले भी कई मुस्लिम समूहों और राजनीतिक दलों पर इस बिल के बारे में समुदाय को गुमराह करने का आरोप लगाया है. उन्होंने एआईएमपीएलबी पर अपने मूल उद्देश्य से भटकने और राजनीतिक एजेंडों से प्रभावित होने का भी आरोप लगाया है.
-भारत एक्सप्रेस
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