UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के सभी बड़े निर्णय वही खुद करती हैं. उन्होंने आकाश आनंद को लेकर चल रही चर्चाओं पर रोक लगाते हुए कहा कि उम्मीदवारों का चयन और टिकट वितरण उनकी ही जिम्मेदारी है.
टिकट और फैसलों पर नियंत्रण
बीते दिनों यह चर्चा थी कि आकाश आनंद ही बसपा के फैसले ले रहे हैं और टिकट बांटने का अधिकार भी उन्हीं के पास है. लेकिन मायावती ने इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ किया कि पार्टी में किसी भी उम्मीदवार का चयन उनकी देखरेख में होता है.
कई बार घटा भतीजे का कद
यह पहली बार नहीं है जब मायावती ने अपने भतीजे को पार्टी के फैसलों से दूर किया हो. अतीत में कई मौकों पर उन्होंने आकाश आनंद को राजनीतिक तौर पर पीछे किया है. कभी उन्हें पद से हटाया गया तो कभी उनके उत्तराधिकारी बनने की संभावना खत्म कर दी गई.
कब-कब हुए बदलाव?
- 31 जुलाई 2026 को मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पार्टी के सभी अहम फैसले वही लेती हैं और आकाश आनंद का उम्मीदवार तय करने में कोई रोल नहीं है.
- 13 अप्रैल 2025 को उन्होंने आकाश को एक और मौका दिया क्योंकि उन्होंने अपनी गलतियां स्वीकार कीं और वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया.
- 2 मार्च 2025 को बसपा ने उन्हें सभी पदों और उत्तराधिकारी की जिम्मेदारी से हटा दिया.
- 23 जून 2024 को उन्हें फिर राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया.
- 7 मई 2024 को मायावती ने उन्हें इस पद से हटाते हुए कहा कि उन्हें अभी परिपक्वता की जरूरत है.
- 10 दिसंबर 2023 को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त कर अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था.
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मायावती का अंतिम संदेश
मायावती ने दोबारा साफ किया कि पार्टी में फैसले लेने का अधिकार सिर्फ उनके पास है. उन्होंने कहा कि आकाश आनंद का कद बढ़ाने या घटाने जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि बसपा की दिशा और निर्णय वही तय करती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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