केंद्रीय गृह मंत्रालय ने “ऑपरेशन शील्ड” नामक एक बड़े पैमाने की सिविल डिफेंस ड्रिल के दूसरे चरण की घोषणा की है, जो 29 मई 2025 को देश की पश्चिमी सीमा से लगे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिलों में आयोजित की जाएगी. इस अभ्यास का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित आपात स्थितियों और शत्रुतापूर्ण हमलों से निपटने की तैयारी को परखना और मजबूत करना है.
इससे पहले, इसका पहला चरण 7 मई 2025 को आयोजित किया गया था, जिसमें कई कमजोरियों की पहचान हुई थी. इन कमियों के आधार पर 9 मई को एक पत्र जारी कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए और आपातकालीन शक्तियों के तहत राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई.
दूसरे चरण के इस अभ्यास में कई संभावित आपात परिस्थितियों का अनुकरण किया जाएगा और सिविल डिफेंस बलों, स्थानीय प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच समन्वय की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा. इसमें शामिल राज्य हैं — जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़. स्थानीय प्रशासन को सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए गए हैं.
ड्रिल की मुख्य गतिविधियां होंगी:
- सिविल डिफेंस वार्डन और स्वयंसेवकों की साइलेंट रिकॉल
- NCC, NSS, NYKS और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की भागीदारी
- दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिमुलेशन
- वायुसेना और सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम के बीच हॉटलाइन की सक्रियता
- संवेदनशील क्षेत्रों में ब्लैकआउट और मॉक ड्रोन हमले के दौरान नागरिकों की आपातकालीन निकासी
- मास कैजुअल्टी सिमुलेशन, जिसमें चिकित्सा दलों की तैनाती और 30 यूनिट रक्त की तत्काल आवश्यकता शामिल है
- रियर एरिया सुरक्षा योजना के तहत बॉर्डर विंग होम गार्ड्स की सेना के साथ संयुक्त तैनाती
यह अभ्यास शाम 5:00 बजे (1700 घंटा) से शुरू होगा, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय में परिवर्तन हो सकता है. सभी संबंधित एजेंसियों को अभ्यास के बाद विस्तृत कार्य-रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं.
यह पहल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पश्चिमी सीमाओं पर संभावित खतरों से निपटने के लिए तत्परता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. इस अभ्यास को गृह मंत्रालय के महानिदेशक की स्वीकृति प्राप्त है.
- भारत एक्सप्रेस
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