मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स से आई खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में अब तक 16 मजदूरों की जान जा चुकी है. इस हादसे ने ना केवल प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़ा किया हैं, बल्कि उन गरीब परिवारों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है जो पेट पालने के लिए इन खतरनाक सुरंगों में उतरते हैं.
इस बड़ी त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने साफ कहा कि इस खबर से उन्हें काफी पीड़ा हुई है.
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं. उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए आर्थिक मदद का भी ऐलान किया. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.
Pained by the mishap in East Jaintia Hills, Meghalaya. Condolences to those who lost their loved ones. May the injured recover at the earliest.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM…
— PMO India (@PMOIndia) February 5, 2026
वहीं, जो मजदूर इस हादसे में घायल हुए हैं, उन्हें 50,000 रुपये की मदद मिलेगी. केंद्र सरकार ने साफ किया है कि यह सहायता तुरंत पहुंचाई जाएगी ताकि प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल घड़ी में कुछ सहारा मिल सके.
हादसे के बाद मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा भी एक्शन में नजर आ रहे हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है. मुख्यमंत्री ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. संगमा ने कड़े शब्दों में कहा कि, “राज्य सरकार ने मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है. जो भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दी जाएगी.”
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और जांच की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार ने पुष्टि की है कि राहत और बचाव दल ने अब तक 16 शवों को बरामद कर लिया है. थंगस्कु इलाके में हुए इस धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. फिलहाल मौके पर सर्च ऑपरेशन जारी है और टीमें मलबे के अंदर जीवन की तलाश कर रही हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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