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Kanpur News: नाइजीरिया से छूटकर एक साल बाद घर लौटे मर्चेंट नेवी अफसर रोशन अरोड़ा, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत, परिवार ने कहा- मोदी है तो मुमकिन है

नाइजीरिया नेवी ने मर्चेंट नेवी के अधिकारी रोशन अरोड़ा को पिछले साल अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में ले लिया था. उनके साथ शिप में 26 क्रू मेंबर थे.

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Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां पर नाइजीरिया में कैद से छूटकर करीब एक साल बाद घर लौटे मर्चेंट नेवी अधिकारी रोशन अरोड़ा का स्वागत ढोल-नगाड़ों के साथ किया गया है. रोशन के आने पर परिवार व पड़ोसियों ने उनको फूल-माला के साथ पगड़ी पहनाई. वहीं रोशन अरोड़ा अपनी मां से लिपट पड़े. रोशन की वापसी के बाद परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है साथ ही कहा है, “मोदी है तो मुमकिन है.”

कानपुर के गोविंदनगर लेबर कॉलोनी में रहने वाले मर्चेंट नेवी के अधिकारी और जहाज ‘MT हीरोइक इदुन’ के चालक दल के सदस्य रोशन अरोड़ा को गत वर्ष अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया था. वह नार्वे ओएसएम मैरी टाइम की शिपिंग कंपनी में अधिकारी हैं. बेटे के एक साल बाद घर लौटने पर परिजनों के साथ ही पड़ोसी भी खूब खुश दिखे और रोशन का जोरदार स्वागत किया.

बता दें कि रोशन के आने की खबर के बाद ही घर के बाहर ढोल-नगाड़े बजने लगे थे और पड़ोसियों के साथ ही रिश्तेदार भी एकत्र होने लगे थे. जैसे ही रोशन घर के पास पहुंचे, लोगों ने उनको कंधे पर उठा लिया और फिर फूल-मालाओं व पगड़ी पहनाकर घर तक ले गए. इस जोरदार स्वागत के बाद रोशन अपनी मां के गले लगे, तो मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए.

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परिवार ने कहा, ‘मोदी है तो मुमकिन है’

रोशन के घर लौटने के बाद आंखों में खुशी के आंसू लिए रोशन के माता-पिता व बहन ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद किया और कहा कि मोदी है तो मुमकिन है. परिजनों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से ही मेरा बेटा वापस घर लौट सका है.

रोशन के परिजनों ने बांटा दर्द

रोशन के परिजनों ने मीडिया को बताया कि शिप को पहले नाइजीरिया नेवी ने जाने की इजाजत दे दी थी, लेकिन बाद में आगे जाने पर गिनी ने पकड़ लिया था. 3 महीने तक रोशन के साथ ही अन्य क्रू मेंबर भी गिनी में रहे.  रोशन के परिजनों ने ये भी बताया कि नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना भी लगाया गया था. वहीं रोशन ने बताया कि कंपनी के जुर्माना भरने के बाद शिप को नाइजीरिया के हवाले कर दिया गया. इसके बाद शिप और क्रू मेंबर नाइजीरिया के कब्जे में रहे.

-भारत एक्सप्रेस



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