राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आगामी 2 मई को मुंबई में आयोजित होने जा रहे ‘कर्मयोगी एकल शिक्षक मेला’ में वनवासी इलाकों में शिक्षा का प्रसार करने वाले शिक्षकों के साथ संवाद करेंगे. गेटवे ऑफ इंडिया पर होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री माननीय नितिन गडकरी की भी उपस्थिति रहेगी, जिनके मार्गदर्शन में इन एकल विद्यालयों का संचालन किया जाता है. इसके अलावा समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के आदिवासी विकास मंत्री प्रो. अशोक उइके भी मौजूद होंगे.
महाराष्ट्र में एकल विद्यालयों के विस्तार की योजना
दरअसल नागपुर स्थित कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था द्वारा अब तक विदर्भ में चलाए जा रहे एकल विद्यालयों को अब पूरे महाराष्ट्र में विस्तारित करने की योजना तैयार हो गई है. कर्मयोगी मेले में इस कार्य के विस्तार को बताया जाएगा. तीन दशक पहले शुरू हुई इस पहल ने विदर्भ के वनवासी इलाकों में शिक्षा की रोशनी फैलाई है. आज, गढ़चिरौली और मेलघाट समेत विदर्भ के दूर-दराज के इलाकों में करीब 1300 स्कूलों के ज़रिए 30,000 वनवासी विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और 1800 से ज़्यादा शिक्षक उन्हें पढ़ा रहे हैं.
लक्ष्य: 1 लाख वनवासी विद्यार्थियों तक पहुंच
इस सफल सफ़र के बाद, संस्था ने अब पूरे महाराष्ट्र में 5000 स्कूलों और 6000 शिक्षकों का नेटवर्क बनाकर 1 लाख वनवासी विद्यार्थियों तक पहुँचने का बड़ा लक्ष्य रखा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन और मुंबई के जाने-माने बिज़नेसमैन अतुल शिरोडकर की अध्यक्षता में स्व. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था अपना काम करती है. श्री शिरोडकर के मुताबिक, “शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव का एक असरदार ज़रिया है. मानकर ट्रस्ट वनवासी इलाकों में रहने वाले लोगों को मुख्यधारा में लाने, उनके हुनर को बढ़ावा देने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के मकसद से लगातार काम कर रहा है.”
सामाजिक और कौशल विकास पर जोर
संगठन के विस्तार के नए दौर में, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास, डेयरी ट्रेनिंग तथा जंगल में वनवासी समुदाय की शिक्षा के साथ-साथ उनकी कला और संस्कृति को बढ़ावा देने पर खास ज़ोर दिया जा रहा है. मुंबई में होने वाले इस आयोजन में, राज्य के विभिन्न भागों से आए अध्यापकों और समाज में बदलाव लाने वाले लोगों और संस्थाओं को ‘कर्मयोगी पुरस्कार’ देकर सम्मानित किया जाएगा.
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आयोजन का सांस्कृतिक और विशेष आकर्षण
2 मई को शाम 6 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य मायाताई इवनाते को सम्मानित किया जाएगा और पंडित नीलाद्री कुमार का सितार वादन होगा. आयोजन के मौके पर, राज्य में सामाजिक क्षेत्र के अलग-अलग लोग एक साथ आकर जंगल में रहने वालों की शिक्षा के आंदोलन को नई दिशा देने पर मंथन करेंगे. संगठन ने हर तबके के नागरिकों से इस काम में सहयोग करने की अपील की है. यह कार्यक्रम वनवासी समुदाय की ज़िंदगी में बदलाव लाने के इस आंदोलन को तेज़ करने में एक अहम कदम होगा.
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