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मानसून सत्र 2025: ऑपरेशन सिंदूर से लेकर प्लेन क्रैश तक विपक्ष का वार, सरकार का पलटवार तय

इस महीने से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर, अहमदाबाद प्लेन क्रैश और बिहार SIR जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. वहीं, सरकार की ओर से भी पूरी रणनीति बनाई जा रही है.

MONSOON SESSION

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21 जुलाई से मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है. यह सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। मानसून सत्र को लेकर जहां विपक्ष अपने मुद्दों के साथ लामबंद हो रहा है अपनी रणनीति पर काम कर रहा है ताकि सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर, अहमदाबाद प्लेन क्रैश, बिहार में S I R समेत कई और मुद्दों पर सरकार को घेर सके, वहीं सरकार भी मानसून सत्र को लेकर अपनी रणनीति पर काम कर रही है.

शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बीजेपी की एक अहम बैठक हुई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा , केंद्रीय मंत्रियों में पीयूष गोयल, मनोहर लाल खट्टर, जी. किशन रेड्डी और किरण रिजिजू ने बैठक में भाग लिया. बैठक में जल, थल और वायु सेना तीनों के चीफ और NSA शामिल हुए. यह बैठक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी.

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की यह बैठक मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने और यह बताने के लिए कि सरकार ने बार-बार पूरी स्पष्टता से इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है. इस पर यह बैठक आयोजित की गई. ऐसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद के आगामी मॉनसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बयान दे सकते हैं.

विशेष सत्र की मांग को ठुकराया

गौरतलब है की ऑपरेशन सिंदूर के बाद विपक्ष जहां लगातार शीश फायर को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा था. वही ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लगातार एक विशेष सत्र की भी मांग उठता रहा है लेकिन मानसून सत्र पास होने के चलते सरकार ने विशेष सत्र करने की बात को गैरवाज़िब बताया. ऐसे में जहां विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर के साथ अन्य मुद्दों को लेकर मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है. वही ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पूरी तरह से और स्पष्टता से एक बार फिर से सदन में अपना पक्ष रख सकती है. इसके लिए पूरी तरह से सरकार की ओर से रणनीति बनाई जा रही है.

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार ने जिस तरीके से जो ऑल पार्टी डेलिगेट्स विदेश में भी भेजें. ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश में गए सांसदों के इन डेलिगेट्स ने एक स्वर में ऑपरेशन सिंदूर की जिस तरीके से तारीफ की और पाकिस्तान की नापाक हरकतों के साथ साथ आतंकवाद पर भारत का पक्ष दुनिया को बताया. यह सरकार के लिए एक सकारात्मक पक्ष की तरह देखा जा रहा है. इस दौरान विपक्ष के ही कई सांसदों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करना और देश के हित में एक खड़े दिखाई देना विपक्ष के सवालों पर भारी पड़ सकता है.


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भारत एक्सप्रेस



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