Politics On Rajendra Bharti Case: भोपाल/अजय भटनागर: मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रिक्त घोषित किए जाने के बाद प्रदेश में भयंकर सियासी तूफान खड़ा हो गया है. फर्जीवाड़े के एक पुराने मामले में दिल्ली की एक विशेष कोर्ट द्वारा भारती को 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने यह कार्रवाई की है. हालांकि कोर्ट ने अपील के लिए सजा सस्पेंड की है, लेकिन सदस्यता जाने से कांग्रेस आगबबूला है. इस पूरे ड्रामे में अब किसानों और गेहूं खरीदी का मुद्दा भी जुड़ गया है, जिससे भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं.
स्पीकर पर जीतू पटवारी का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी ने इस कार्रवाई को पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है. पटवारी ने सीधे विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पर निशाना साधते हुए कहा कि स्पीकर का काम विधायकों की रक्षा करना है, लेकिन वे भाजपा के लिए अपने संवैधानिक पद के साथ अपराध कर रहे हैं और विपक्ष के विधायकों के साथ अन्याय कर रहे हैं. मीडिया से चर्चा करते हुए पटवारी ने कहा कि-
‘कोर्ट ने राजेंद्र भारती को अपील के लिए 60 दिन का समय दिया था, लेकिन विधानसभा सचिवालय ने एक नोटिस से आनन-फानन में सदस्यता समाप्त कर दी. विधानसभा सचिव से सवाल किए तो वे वहां से चले गए, जो लोकतंत्र की समाप्ति का संकेत है.‘
विश्वास सारंग ने किया पलटवार
कांग्रेस के इन आकलनों पर मध्य प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने करारा प्रहार किया है. सारंग ने कहा कि यह पूरी तरह एक आपराधिक मामला है, जो तत्कालीन दिग्विजय सरकार के समय का है, जब करोड़ों की हेराफेरी हुई थी. सारंग ने कमलनाथ सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि 2018 में जब बीजेपी विधायक प्रहलाद लोधी को 2 साल की सजा हुई थी, तब तत्कालीन कांग्रेस स्पीकर एनपी प्रजापति ने भी ऐसी ही कार्रवाई की थी.
ये भी पढ़ें: मुर्दों से काम करवाएगा जोधपुर प्रशासन! क्या ‘स्वर्ग’ से करेंगे जनगणना? आदेश जारी कर सौंपी कमान
सारंग ने कहा कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पीसी शर्मा रात के समय असंवैधानिक तरीके से विधानसभा भवन में घुसे और अधिकारियों पर दबाव बनाया. उन पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज होना चाहिए. सारंग ने स्पष्ट किया कि 2013 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले (जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 8/3) के तहत ही यह कानूनी कार्रवाई की गई है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



