MP News: मध्य प्रदेश के सीधी वन मंडल में वनरक्षक भर्ती का एक अनोखा किस्सा सामने आया है. विभाग ने बैगा, भारिया और सहारिया जैसी विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के युवाओं के लिए आठ पदों पर भर्ती निकाली थी. कागजी जांच के बाद 25 उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया लेकिन टेस्ट के दिन मैदान में सिर्फ एक लड़की अंजना बैगा पहुंची. बाकी सभी अनुपस्थित रहे.
बिना मुकाबले भी पूरी की परीक्षा
नियमों के मुताबिक वनरक्षक बनने के लिए फिजिकल वॉक टेस्ट पास करना जरूरी था. अंजना को किसी से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी थी, लेकिन उसे खुद को साबित करना था. उसने अकेले ही 16 किलोमीटर की पैदल दूरी तय की और परीक्षा पास कर ली. इस तरह उसने सरकारी नौकरी अपने नाम कर ली, जबकि बाकी सात पद खाली रह गए.
आवेदन और चयन प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार इस भर्ती में करीब 1205 आवेदन आए थे. दसवीं की मेरिट के आधार पर पांच पदों के लिए 25 उम्मीदवार चुने गए थे. इन्हें शारीरिक परीक्षा में बुलाया गया, लेकिन सिर्फ अंजना ही पहुंची. उसकी मेहनत और हिम्मत ने उसे वनरक्षक पद दिला दिया.
14 किलोमीटर पैदल सफर
फिजिकल टेस्ट में सात किलोमीटर पैदल जाना और सात किलोमीटर लौटना शामिल था. अंजना ने यह दूरी निर्धारित समय में पूरी की. अधिकारियों की मौजूदगी में उसने टेस्ट पास किया और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उसका चयन पक्का हो गया.
ट्रेनिंग के लिए तैयार
अब अंजना बैगा को अगले महीने प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा. उसकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कम सीटें देखकर या कठिन मुकाबले से डरकर पीछे हट जाते हैं. उसने दिखा दिया कि हौसला और दृढ़ता से मंजिल हासिल की जा सकती है.
सीधी वन मंडल की भर्ती प्रक्रिया में अंजना बैगा का चयन सिर्फ नौकरी पाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि मैदान में डटे रहना ही जीत की कुंजी है. उसने अकेले ही परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि अवसर उन्हीं को मिलता है जो हार मानने के बजाय कोशिश करते हैं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




