Girish Mahajan Controversy: भारत के महानगरों में ट्रैफिक जाम एक आम समस्या है, लेकिन जब राजनीतिक रैलियों के कारण सड़कें पूरी तरह से ठप कर दी जाएं, तो आम जनता का गुस्सा फूटना स्वाभाविक है. ऐसा ही एक हाई-वोल्टेज ड्रामा मुंबई के वर्ली इलाके में देखने को मिला. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक रैली के कारण लगे भीषण ट्रैफिक जाम में फंसी एक महिला का सब्र इस कदर टूटा कि वह सीधे अपनी गाड़ी से उतरी और बीच सड़क पर इंटरव्यू दे रहे महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन (Girish Mahajan) को ही आड़े हाथों ले लिया.
क्यों निकाली जा रही थी रैली? (Girish Mahajan Mumbai Rally)
दरअसल, केंद्र में ‘महिला आरक्षण बिल’ के बहुमत के अभाव में गिर जाने के विरोध में बीजेपी और महायुति गठबंधन ने ‘महिला जन आक्रोश’ रैली का आयोजन किया था. यह मार्च वर्ली के जांबोरी मैदान (Jambhori Maidan) से शुरू होकर डोम तक जाना था.
शाम 5 बजे के लिए निर्धारित इस रैली का उद्देश्य महाविकास अघाड़ी (MVA) और कांग्रेस का विरोध करना था. जांबोरी मैदान का इलाका एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है. रैली के शुरू होने में हुई देरी और भारी भीड़ के कारण पूरे इलाके की सड़कों पर एक लंबा और भयंकर ट्रैफिक जाम लग गया.
‘गेट आउट फ्रॉम हियर…’ (Girish Mahajan Video Viral)
इसी जाम में एक स्थानीय महिला पूरी तरह से फंस गई, जो स्कूल से अपने बच्चे को लेने जा रही थी. घंटों तक जाम में रेंगने के बाद जब उसका सब्र टूट गया, तो वह अपनी गाड़ी से बाहर निकली और सीधे प्रदर्शनकारियों के बीच घुस गई.
सामान्य जनतेला वेठीस धरणाऱ्या व्हीआयपी कल्चरचा जनतेला आता कंटाळा आला आहे. लोकांचा संयम ढळू लागला आहे, त्यातूनच मुंबईतील एका महिलेने मंत्री गिरीश महाजन यांची त्यांच्यामुळे झालेल्या वाहतुक कोंडीवरून खरडपट्टी काढली. pic.twitter.com/uomMBSUlGk
— Prashant Dhumal (@prash_dhumal) April 21, 2026
वहां मौजूद मंत्री गिरीश महाजन मीडिया से बात कर रहे थे. महिला ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके सामने ही चिल्लाना शुरू कर दिया. “गेट आउट फ्रॉम हियर (यहां से बाहर निकलो)!” उसने पास के खाली मैदान की तरफ इशारा करते हुए गुस्से में कहा, “सैकड़ों लोग इंतजार कर रहे हैं. वहां एक खाली मैदान है, वहां जाकर रैली क्यों नहीं करते?”
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पुलिस से भी भिड़ी महिला
महिला का गुस्सा सिर्फ मंत्री तक ही सीमित नहीं रहा. उसने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी खुलकर नाराजगी जाहिर की और पूछा कि क्या विरोध जताने के लिए सड़कों को ही चुना जाना जरूरी है? जब बीच-बचाव करने और माहौल शांत कराने के लिए मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारी आगे आए, तो महिला उनसे भी उलझ गई. उसने किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार कर दिया और तुरंत ट्रैफिक हटवाने की मांग पर अड़ी रही. बाद में पुलिस अधिकारी उसे सड़क के किनारे ले गए और उसकी बात सुनने की कोशिश की.
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