Nagpur RSS Headquarters threat: नागपुर/अभिषेक पांडे: महाराष्ट्र के नागपुर से आई एक चौंकाने वाली खबर ने देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. शहर में एक गुमनाम लेटर के जरिए ‘रेडियोएक्टिव’ (Radioactive) हमले की धमकी दिए जाने के बाद हड़कंप मच गया है. यह कोई साधारण बम की धमकी नहीं है, बल्कि इस लेटर में ‘सीज़ियम-137’ (Cesium-137) जैसे बेहद खतरनाक रेडियोधर्मी पदार्थ के इस्तेमाल का दावा किया गया है, जिसने मामले की गंभीरता को कई गुना बढ़ा दिया है.
निशाने पर RSS मुख्यालय और स्मृति मंदिर (rss headquarters threat news)
खास बात यह है कि इस लेटर में जिन स्थानों को निशाना बनाने का जिक्र किया गया है, वे न सिर्फ अति-संवेदनशील हैं बल्कि देश के सबसे बड़े वैचारिक संगठन से भी जुड़े हुए हैं. यह गुमनाम लेटर सीधे नागपुर के पुलिस आयुक्त (CP) डॉ. रविंद्रकुमार सिंगल को भेजा गया था. लेटर में स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महाल स्थित मुख्य मुख्यालय और रेशीमबाग स्थित स्मृति मंदिर परिसर में रेडियोएक्टिव पदार्थ डाले जाने का डरावना दावा किया गया है.
‘DSS’ का जिक्र और आपत्तिजनक भाषा (rss headquarters nagpur alert)
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस धमकी भरे लेटर में ‘डीएसएस’ (DSS) नाम के एक कथित संगठन का जिक्र किया गया है. इसके अलावा पत्र में संघ (RSS) के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ‘DSS’ आखिर कौन सा संगठन है और इसके तार कहां से जुड़े हैं.
विशेषज्ञों की टीम कर रही जांच ( terror threat to rss headquarters)
धमकी की जानकारी मिलते ही नागपुर पुलिस हाई-अलर्ट पर आ गई. तुरंत एटीएस (ATS), एनडीआरएफ (NDRF) और अन्य सुरक्षा विशेषज्ञों की टीमों को मौके पर बुलाया गया. इन टीमों ने आरएसएस मुख्यालय और स्मृति मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे की गहन जांच की. राहत की बात यह है कि सघन तलाशी अभियान के बाद भी अब तक परिसर में कुछ भी संदिग्ध या रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं मिला है.
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भले ही मौके से कुछ न मिला हो, लेकिन ऐसे संवेदनशील स्थानों पर रेडिएशन की धमकी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह किसी सिरफिरे की महज एक शरारत है, या फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोई सोची-समझी कोशिश? फिलहाल, खूफिया एजेंसियां हर एंगल से इस मामले की जांच में जुटी हैं और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है.
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