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फिर जेल जाने से बचे आसाराम, ‘न धार्मिक सभा, न भीड़’…जानिए जमानत बढ़ाते हुए हाईकोर्ट ने क्या कहा?

Asaram Interim Bail Extended: यौन उत्पीड़न मामले में सजा काट रहे आसाराम बापू की अंतरिम जमानत राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 मई 2026 तक बढ़ा दी है. कोर्ट ने बढ़ती उम्र और इलाज के आधार पर यह फैसला दिया है, साथ ही कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं.

Rajasthan Asaram Interim Bail Extended Jodhpur High Court

Asaram Interim Bail Extended: जोधपुर/नतांश: यौन उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू (Asaram Bapu) को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर बड़ी राहत मिली है. अदालत ने आसाराम की अंतरिम जमानत (Interim Bail) को मेडिकल आधार पर 25 मई 2026 तक, या उनकी अपील पर अंतिम निर्णय आने तक के लिए बढ़ा दिया है. इस फैसले के बाद आसाराम फिलहाल जेल से बाहर रहकर अपना इलाज जारी रख सकेंगे.

गंभीर बीमारियों का दिया गया हवाला (Asaram Bapu Case)

यह महत्वपूर्ण आदेश राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने सुनाया. सुनवाई के दौरान आसाराम के बचाव पक्ष ने अदालत में याचिका दायर कर बढ़ती उम्र, गंभीर बीमारियों और लंबे समय से चल रहे उपचार का हवाला दिया था.

वकीलों ने अदालत में दलील दी कि अगर जमानत की अवधि नहीं बढ़ाई गई, तो आसाराम का उपचार बीच में ही बाधित हो जाएगा और उन्हें वापस जोधपुर सेंट्रल जेल लौटना पड़ेगा. बता दें कि आसाराम 29 अक्टूबर 2025 से ही अंतरिम जमानत पर बाहर रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं.

‘जेल में भी मिल रहा है समुचित इलाज’

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) दीपक चौधरी ने आसाराम की जमानत बढ़ाने का विरोध किया. उन्होंने अदालत को बताया कि जेल प्रशासन द्वारा कैदियों को समुचित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए जमानत बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है.

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हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आसाराम के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जमानत अवधि बढ़ाने का फैसला लिया. गौरतलब है कि आसाराम को 2018 में दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जिसके खिलाफ दायर अपील पर 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

कोर्ट ने लगाई ये सख्त पाबंदियां (Jodhpur High Court On Asaram Bapu Bail)

अंतरिम जमानत बढ़ाते हुए हाईकोर्ट ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि यह राहत केवल और केवल ‘उपचार’ के लिए दी गई है. अदालत ने आसाराम पर कई सख्त पाबंदियां लगाई हैं, जिनके तहत उन्हें किसी भी धार्मिक सभा में शामिल होने, भीड़ एकत्र करने या देश से बाहर जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी. अदालत ने अपनी पुरानी अधिकांश शर्तों को बरकरार रखा है, हालांकि सुरक्षा निगरानी से जुड़ी एक शर्त में उन्हें आंशिक राहत जरूर दी गई है. अब सबकी निगाहें इस मामले में आने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं.



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