नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार.
Nagpur Violnce: औरंगजेब पर छिड़ी जंग के बीच 17 मार्च को नागपुर में भड़की हिंसा के पीछे के मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने दावा किया है कि इस दंगे के पीछे का मास्टरमाइंड फहीम शमीम नाम का शख्स है. उसी ने लोगों को भड़काकर भीड़ जुटाई और हिंसा की वारदात को अंजाम दिया गया.
फहीम शमीम ने दिया भड़काऊ भाषण
नागपुर पुलिस का कहना है कि फहीम शमीम ने हिंसा से पहले भड़काऊ भाषण दिया था, उसी के बाद भीड़ उग्र हो गई और दंगा शुरू हो गया. फहीम शमीम माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी का नागपुर का अध्यक्ष है.
नितिन गड़करी के खिलाफ लड़ चुका है चुनाव
बता दें कि फहीम शमीम 2024 में नागपुर लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ चुका है. फहीम को इस हिंसा को लेकर दर्ज FIR में मुख्य आरोपी बनाया गया है.
औरंगजेब को लेकर चल रहा विवाद
गौरतलब है कि नागपुर में सोमवार को औरंगजेब विवाद को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हो गई थी, ये झड़प बाद में दंगे में बदल गई और जमकर तोड़-फोड़ और आगजनी की गई.
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महाल इलाके में हुई इस हिंसा के बाद इसकी आग हंसपुरी तक पहुंच गई और वहां पर भी उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया. दंगाइयों ने दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया था. अब तक पुलिस ने 60 से ज्यादा आरोपियों को हिरासत में लिया है. इस हिंसा में दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.
औरंगजेब का मुद्दा तब चर्चा में आया, जब फिल्म अभिनेता विक्की कौशल की फिल्म छावा रिलीज हुई थी. उसी के बाद से इसकी चर्चा शुरू हुई थी, हालांकि समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी के औरंगजेब पर दिए गए बयान ने इसमें घी डालने का काम किया और उसी के बाद से औरंगजेब मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो गई.
सपा नेता अबू आजमी ने कहा था कि औरंगजेब की छवि को फिल्म में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. इस बयान के बाद से ही औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग हिंदूवादी संगठन ने शुरू कर दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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