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चंदौली में नंदन कानन एक्सप्रेस ट्रेन की कपलिंग टूटी, यात्रियों में घबराहट, कहा- बड़ा हादसा हो सकता था

सोमवार रात लगभग 9:30 बजे आनंद विहार से ओडिशा के पुरी जा रही 12876 नंदन कानन एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच एस4 बोगी की कपलिंग टूट गई, जिससे ट्रेन के कोच अलग-अलग हो गए. 

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू जंक्शन) पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया. सोमवार रात लगभग 9:30 बजे आनंद विहार से ओडिशा के पुरी जा रही 12876 नंदन कानन एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच एस4 बोगी की कपलिंग टूट गई, जिससे ट्रेन के कोच अलग-अलग हो गए.

इसके बाद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. वे घबराए हुए थे और समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हो रहा है. ट्रेन के अंदर यात्री असमंजस की स्थिति में थे, लेकिन सौभाग्य से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं पहुंची. घटना के समय ट्रेन पहले से ही तीन घंटे से अधिक देरी से चल रही थी.

ट्रेन की स्पीड और होती तो हादसा हो सकता था

घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कपलिंग टूटने वाली एस4 बोगी को ट्रेन से अलग किया गया और उसमें सवार यात्रियों को दूसरी बोगी में शिफ्ट किया गया. करीब डेढ़ से दो घंटे की देरी के बाद दोनों हिस्सों को जोड़कर रात 1 बजे के आसपास ट्रेन को फिर से रवाना किया गया. यात्रियों ने इस घटना पर गुस्सा जताया और रेलवे को इसका जिम्मेदार ठहराया. एक यात्री ने कहा कि यदि ट्रेन की गति अधिक होती, तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था. उसने भारतीय रेलवे से अपील की कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई दुर्घटना न हो.

डीडीयू जंक्शन के स्टेशन मैनेजर, एस.के. सिंह ने बताया कि ट्रेन को प्लेटफार्म संख्या 2 से रवाना किया गया था, लेकिन छह किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही यह घटना घटी. उन्होंने बताया कि दोनों हिस्सों को एक साथ लाकर ट्रेन की मरम्मत की गई और फिर पूरी ट्रेन को फिर से सही सलामत रवाना किया गया.

यात्रियों के बीच घबराहट और परेशानी का माहौल

एक यात्री ने बताया, “मैं ट्रेन नंबर 12816 में आनंद विहार से मेदिनीपुर जा रहा था. हमारी सीट एस5 में थी, जब अचानक एस4 और एस5 के बीच कपलिंग टूट गई. गति धीमी होने के कारण बड़ा हादसा टल गया. अगर ट्रेन तेज चलती, तो स्थिति अलग होती. मैं रेलवे से अपील करता हूं कि इसे गंभीरता से लेकर सुधार करें.” एक अन्य यात्री ने बताया, “ट्रेन प्लेटफॉर्म 2 से रवाना हुई और 6 किलोमीटर बाद अलग हो गई. दोनों हिस्से प्लेटफॉर्म 1 पर लाए गए और मरम्मत के बाद ट्रेन रवाना हुई.”

महिला यात्री लोचिनी ने भी इस घटना के बारे में बताया कि ट्रेन के अंदर स्थिति बहुत डरावनी हो गई थी जब स्लीपर एस4 बोगी की कपलिंग टूट गई. उन्होंने कहा कि उस समय वह बहुत घबराई हुई थीं और उन्हें डर था कि अगर ट्रेन की गति तेज होती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था.


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-भारत एक्सप्रेस



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