नवादा में शराब छुड़ाने के नाम पर युवक की मौत का आरोप
बिहार के नवादा जिले के हिसुआ से एक दिल नहला देने वाली और गुस्से से भर देने वाली खबर सामने आई है. शराब की बुरी लत छुड़ाने का झांसा देकर एक झोलाछाप डॉक्टर ने न केवल परिजनों से हज़ारों रुपये ऐंठ लिए बल्कि उसकी घोर लापरवाही ने 18 साल के बेकसूर प्रिंस कुमार की जान ले ली. 40 हज़ार रुपये एडवांस में डकारने के बाद जब मरीज तड़पता रहा, तब फर्जी डॉक्टर दिलासा देता रहा और फिर ऐन मौके पर ‘ऑक्सीजन नहीं है’ कहकर पल्ला झाड़ लिया.
बता दें कि जब तक परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए, तब तक प्रिंस की सांसें थम चुकी थीं. घटना के बाद आरोपी कथित डॉक्टर क्लिनिक पर ताला लगाकर रफूचक्कर हो गया है.
दलाल के चक्कर में फंसे परिजन(Nawada Fake Doctor Case)
बताते चलें मृतक प्रिंस कुमार अपने परिवार का इकलौता सहारा था. शराब की लत से परेशान परिवार को एक दलाल के जरिए हिसुआ के कथित डॉक्टर नौशाद आलम की क्लिनिक का पता चला. फर्जी डॉक्टर ने दावा किया कि वह कुछ ही दिनों में प्रिंस की शराब की आदत पूरी तरह छुड़ा देगा. इस फर्जी इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये की मोटी रकम मांगी गई, जिसमें से गरीब परिजनों ने जैसे-तैसे 40 हजार रुपये एडवांस जमा भी करा दिए थे.
3 दिन तक तड़पता रहा प्रिंस
परिजनों का आरोप है कि भर्ती करने के बाद से ही प्रिंस की तबीयत बिगड़ने लगी थी. पिछले तीन दिनों से उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी. जब भी घरवाले रोते-बिलखते डॉक्टर नौशाद के पास जाते, तो वह बेफिक्र होकर कहता कि ‘चिंता मत करो, दवा का असर हो रहा है, सब ठीक हो जाएगा.’ इलाज के नाम पर डॉक्टर मरीज की जान के साथ खिलवाड़ करता रहा और परिजन बेबसी में देखते रहे.
रात को अचानक बिगड़ी हालत
बीती रात जब प्रिंस की हालत बेहद नाज़ुक हो गई और वह गले से घोंटती सांसों के लिए तड़पने लगा, तब जाकर झोलाछाप डॉक्टर के हाथ-पांव फूल गए. उसने तुरंत अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि मेरे पास ऑक्सीजन नहीं है, इसे तुरंत दूसरे अस्पताल ले जाओ.
बदहवास घरवाले जब तक प्रिंस को नवादा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रिंस को मृत घोषित कर दिया.
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क्लिनिक में ताला ठोककर डॉक्टर फरार
18 साल के जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. रोते-बिलखते परिजन जब वापस हिसुआ स्थित क्लिनिक पहुंचे, तो आरोपी डॉक्टर नौशाद आलम अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर और क्लिनिक में ताला ठोककर फरार हो चुका था. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपी झोलाछाप डॉक्टर की गिरफ्तारी और उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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