NCERT U Turn on Dancing Girl Statue: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक सेंसरशिप के इस दौर में इतिहास के पन्नों के साथ की गई एक ‘डिजिटल छेड़छाड़’ पर देशव्यापी बवाल मच गया है. नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) द्वारा उठाए गए एक कदम ने देश के बड़े इतिहासकारों और शिक्षाविदों को हैरान कर दिया था. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे मशहूर और ऐतिहासिक धरोहर ‘डांसिंग गर्ल’ (नृत्य करती लड़की) की मूर्ति को लेकर पैदा हुआ विवाद अब अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसके बाद चौतरफा घिरी NCERT को बैकफुट पर आना पड़ा है.
दरअसल, अपनी नई किताबों में 2500 ईसा पूर्व की इस कांसे की मूर्ति के मूल स्वरूप को बदलकर उसे ‘काले रंग के पेंट’ से ढक दिया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मूर्ति ने कपड़े पहने हुए हैं. चौतरफा किरकिरी और इतिहासकारों के कड़े विरोध के बाद अब NCERT ने अपनी इस भारी भूल को स्वीकार करते हुए किताब से नकली तस्वीर हटाकर ‘असली तस्वीर’ लगाने का सीधा यू-टर्न ले लिया है.
कैसे बदली गई 4,500 साल पुरानी कला?
यह पूरा विवाद नई शिक्षा नीति (NEP) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के तहत कक्षा 9 के लिए जारी की गई आर्ट एजुकेशन की नई किताब ‘मधुरिमा’ से शुरू हुआ. इस किताब के पहले अध्याय ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में करीब 4 इंच (10.5 सेंटीमीटर) की इस ऐतिहासिक कांस्य नर्तकी की मूर्ति की फोटो छापी गई थी. लेकिन इस बार तस्वीर के मूल स्वरूप (जिसमें मूर्ति का ऊपरी धड़ खुला हुआ है) को आधुनिक मोरालिटी के चश्मे से देखते हुए कंधे से नीचे तक शैडो और काले रंग से कवर कर दिया गया था. इतिहासकारों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे ‘विक्टोरियन काल’ की पिछड़ी सोच और इतिहास के साथ अन्याय करार दिया था.
इतिहासकारों ने उठाई आवाज (NCERT Dancing Girl Statue Controversy)
NCERT की इस ‘सेंसरशिप’ पर सबसे प्रखर आवाज उठाई इतिहासकार और कक्षा 6 की टेक्स्टबुक डेवलपमेंट कमेटी के पूर्व प्रमुख मिशेल डैनिनो ने. उन्होंने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में इस कदम को छात्रों के साथ धोखा बताया. डैनिनो ने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि अगर इतिहास की यह नग्न मूर्ति बच्चों की उम्र के हिसाब से उपयुक्त नहीं है, तो क्या कल को छात्रों को दिल्ली के नेशनल म्यूजियम जाने से भी रोक दिया जाएगा जहां यह असली प्रतिमा रखी है? क्या अजंता-एलोरा की मूर्तियों को भी अब कपड़े पहना दिए जाएंगे?
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संस्था ने बताया क्यों किया ऐसा? (NCERT Class 9 Madhurima Book)
बढ़ते विवाद और मीडिया में आलोचनाओं की बाढ़ आने के बाद आखिरकार संस्थान को झुकना ही पड़ा. NCERT के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने मामले को संभालते हुए स्पष्ट किया कि इसके पीछे कोई खास या दुर्भावनापूर्ण वजह नहीं थी. उन्होंने बताया कि जैसे ही यह विसंगति उनके संज्ञान में आई, संबंधित विभाग को तुरंत इसकी समीक्षा करने और कक्षा 9 की ‘मधुरिमा’ किताब में छपी इस नकली छवि को हटाकर नेशनल म्यूजियम में रखी ‘मूल और असली तस्वीर’ से बदलने का सख्त निर्देश दे दिया गया है.
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