राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने छत्तीसगढ़ में 2023 में हुए सेना के जवान की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के चार ओवरग्राउंड वर्कर्स और समर्थकों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भवन लाल जैन उर्फ भुवन जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल उर्फ गोलू और अंदूराम सलाम के रूप में हुई है. एनआईए की जांच में सामने आया है कि ये सभी सीपीआई (माओवादी) संगठन से जुड़े हुए थे और हत्या की साजिश में सीधे तौर पर शामिल थे.
एनआईए के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी सेना के जवान मोतिराम अचाला की हत्या की साजिश में शामिल थे. मोतिराम अचाला पूर्वोत्तर क्षेत्र में हवलदार के पद पर तैनात थे और फरवरी 2023 में अपने गृह जिले उत्तर बस्तर के कांकेर जिले के बडेटेवड़ा गांव आए हुए थे. गांव के एक स्थानीय मेले में माओवादियों ने उन पर हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सीपीआई (माओवादी) संगठन की अवैध गतिविधियों में शामिल थे और जबरन वसूली के जरिए आतंक फैलाने की साजिश रच रहे थे.
यह मामला पहले छत्तीसगढ़ पुलिस के पास था, लेकिन एक साल बाद इसे एनआईए को सौंप दिया गया. इसके बाद जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सघन छापेमारी कर आरोपियों को ट्रैक किया. इन छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जो इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं.
एनआईए इस मामले में अभी भी जांच कर रही है और केस आरसी-13/2024/एनआईए/आरपीआर के तहत आगे की कार्रवाई जारी है.
ओवरग्राउंड वर्कर्स वे लोग होते हैं जो आतंकवादी या उग्रवादी संगठनों को गुप्त रूप से सहायता प्रदान करते हैं. ये लोग सूचना पहुंचाने, धन जुटाने, रसद आपूर्ति और हमलों की साजिश रचने जैसे कार्यों में शामिल रहते हैं. एनआईए की इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ में माओवादी नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है. जांच एजेंसी इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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