नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) से जुड़े दो आतंकी आरोपियों के एक अहम सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने इस साल मार्च में पंजाब के अमृतसर जिले में एक मंदिर पर ग्रेनेड हमला किया था.
भगवंत सिंह उर्फ मन्ना भट्टी, जो इस हमले के बाद से फरार था, को बुधवार को अमृतसर के अकालगढ़ गांव से गिरफ्तार किया गया. इस मामले में अब तक कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
NIA की जांच के अनुसार, यह हमला गुरसिदक सिंह और विशाल उर्फ चुची ने ठाकुर द्वारा सनातन मंदिर पर ग्रेनेड फेंक कर किया था. इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन KLF ने ली थी.
हमले के बाद एक मुठभेड़ में गुरसिदक सिंह की मौत हो गई थी, जबकि विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके अलावा दो अन्य आरोपी दीवान सिंह उर्फ सनी और साहिब सिंह उर्फ सबा को भी गिरफ्तार किया गया है.
जांच में सामने आया है कि भगवंत सिंह ने जानबूझकर गुरसिदक और विशाल को अपने घर में पनाह दी थी. ये दोनों हमले की योजना बनाते समय और उसके बाद भी भगवंत के पास ही रुके थे. हमला करने में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड भी भगवंत के घर के पीछे छुपाया गया था, जिसकी उसे पूरी जानकारी थी.
NIA की जांच (केस नंबर RC-08/2025/NIA/DLI) में यह भी पाया गया है कि भगवंत सिंह के बैंक खाते में आतंकी फंड भी ट्रांसफर किया गया था.
KLF से जुड़े भारत और विदेश में फैले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत NIA इस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है.
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