पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर छिड़ी बहस के बीच केंद्र सरकार ने देश में 100% एथेनॉल से चलने वाले यानी E100 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को हरी झंडी दे दी है. सरकार ने इसके लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन कर नई अधिसूचना जारी कर दी है. इसी फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 पेट्रोल के विरोध को लेकर बड़ा बयान दिया है. गडकरी ने साफ कहा कि E20 ईंधन के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे तर्क एक पैसे देकर प्रायोजित (पेड) अभियान का हिस्सा थे.
‘E20 के खिलाफ फैलाई गई अफवाह’
नितिन गडकरी ने मंगलवार को कड़े शब्दों में कहा कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग के फैसले का विरोध पूरी तरह से भ्रामक और प्रायोजित था. इस दौरान उन्होंने देश के नेशनल हाईवे की स्थिति पर भी बात की. गडकरी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में करीब 700 से 800 प्रोजेक्ट्स की खुद समीक्षा की है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि हाईवे की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा और अगले दो सालों में देश भर में नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों की सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी.
‘20% से आगे नहीं बढ़ेगी लिमिट’
दक्षिण गोवा के बेतुल गांव में आयोजित 29वीं ‘एनर्जी टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन मीट’ के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्थिति स्पष्ट की. पुरी ने कहा कि एथेनॉल को लेकर तरह-तरह की गलत जानकारी फैलाई जा रही है. उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार की फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल की मौजूदा 20% (E20) सीमा को बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है.
गौरतलब है कि E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है, जबकि E100 शुद्ध एथेनॉल से चलने वाला ईंधन है. सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता घटाना, विदेशी मुद्रा बचाना और देश के चालू खाता घाटे को नियंत्रित करना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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