Nitin Nabin Emotional Post: “नमन् बांकीपुर!! जय बिहार !!” इन्हीं शब्दों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर के कद्दावर नेता नितिन नबीन ने अपनी विधायकी को अलविदा कह दिया है. हाल ही में बिहार से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उनका इस्तीफा तय था. आज (30 मार्च 2026) विधानसभा अध्यक्ष को औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपने से पहले नितिन नबीन ने अपने ‘बांकीपुर परिवार’ के नाम एक बेहद भावुक पत्र लिखा, जिसमें 20 साल के राजनीतिक सफर, पिता की विरासत और जनता के प्यार का जिक्र है.
पिता की विरासत और 20 साल का भावुक सफर (Nitin Nabin emotional letter)
नितिन नबीन ने अपने पत्र में 2006 के उस मुश्किल दौर को याद किया जब उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा का आकस्मिक निधन हो गया था. उन्होंने लिखा, “पिताजी के निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और 27 अप्रैल 2006 को मैंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. पिछले 20 वर्षों में पिताजी द्वारा बनाए गए इस क्षेत्र को मैंने पारिवारिक भाव से सींचने और संवारने का प्रयास किया.” उन्होंने कहा कि लगातार 5 बार सदन में चुनकर जनता ने उन्हें जो सेवा का सौभाग्य दिया है, उसका वे हमेशा सम्मान करेंगे.
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‘जनता ने ही उंगली पकड़कर यहां तक पहुंचाया’ (Nitin Nabin Emotional Post)
अपने इस्तीफे के पोस्ट में नितिन नबीन ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय जनता और कार्यकर्ताओं को दिया. उन्होंने लिखा, “कार्यकर्ताओं ने मुझे भाई और अभिभावक के रूप में उंगली पकड़कर आज इस मुकाम तक पहुंचाया है. जनता ने मुझे समस्याएं भी बताईं और समाधान का रास्ता भी दिखाया.” इसके साथ ही उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री के रूप में काम करने का अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी का भी विशेष धन्यवाद किया. उन्होंने आश्वस्त किया कि वे अब राज्यसभा सांसद और पार्टी की नई भूमिका के जरिए विकसित बिहार और विकसित भारत के संकल्प के लिए काम करते रहेंगे.
अब बांकीपुर का ‘सिंहासन’ किसका?
विधायक पद से इस भावुक विदाई के बाद अब सबसे बड़ा सियासी सवाल यही है कि पटना की सबसे अहम बांकीपुर सीट का अगला वारिस कौन होगा? चर्चाओं के बाजार में फिलहाल डॉ. संजय मयूख का नाम सबसे आगे चल रहा है. संजय मयूख बिहार विधान परिषद के सदस्य और बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी हैं, जिन्हें पीएम मोदी और अमित शाह के बेहद करीब माना जाता है.
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हालांकि, इस रेस में संजय मयूख के अलावा कायस्थ समुदाय के कुछ अन्य मजबूत चेहरे भी शामिल हैं, जिनमें ऋतुराज सिन्हा, रणवीर नंदन और अजय आलोक का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी आलाकमान नितिन नबीन की खाली की गई इस अहम सीट की चाबी किसे सौंपता है.
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