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World Environment Day 2025: दिल्ली मंडल ने प्लास्टिक मुक्त अभियान और अपशिष्ट प्रबंधन के साथ मनाया पर्यावरण दिवस, लगाए 9660 पौधे

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करने की थीम पर जागरूकता अभियान, पौधारोपण, कंपोस्टिंग यूनिट और RRR केंद्र की स्थापना सहित कई टिकाऊ गतिविधियों का आयोजन किया.

World Environment Day 2025
Edited by Akansha

(अजय माइकल)
वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, दिल्ली मंडल

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2025 को इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना “के अनुरूप उपयुक्त तरीके से मनाया गया. उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में 22 मई से 5 जून 2025 तक विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के साथ “विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था. उत्तर रेलवे का दिल्ली मंडल स्टेशनों कार्यालयों, कार्यशालाओं और रेलवे कॉलोनियों आदि मे, ग्रीन बेल्ट आदि विकसित करने में सबसे आगे रहा है.

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए बैनर, पोस्टर और सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया. सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से पर्यावरण का महत्व एवं प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में बताया जा रहा है. 11 रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन की सुविधा भी उपलब्ध हैं.

नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, सोनीपत, दिल्ली सराय रोहिल्ला, गाजियाबाद, फरीदाबाद, दिल्ली शाहदरा तथा ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को प्लास्टिक न प्रयोग करने के लिए नुककड़ नाटक द्वारा जागरूक किया गया है.

आज विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक/दिल्ली साथ में अपर मंडल रेल प्रबंधक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और दिल्ली डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पहल के रूप में सैन मार्टिन मार्ग कॉलोनी में 4 कंपोस्टिंग इकाइयों को शुरू किया.

400 किलोग्राम गीले कचरे के लिए प्रत्येक कंपोस्टर को 42 दिनों में कंपोस्टिंग चक्र पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और इससे 42 दिनों में लगभग 125 किलोग्राम जैविक खाद उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिससे एक सर्कुलर अपशिष्ट इकानमी में सार्थक योगदान मिलेगा. यह पहल समर्पित स्वयंसेवकों और टीम के सदस्यों द्वारा संचालित डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान के साथ शुरू हुई, जिसका उद्देश्य निवासियों को कचरे के स्रोत अलगाव के महत्व के बारे में शिक्षित करना था.

अभियान ने समुदाय को टिकाऊ अपशिष्ट प्रथाओं के बारे में सफलतापूर्वक संवेदनशील बनाया । इस विकेन्द्रीकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण प्रणाली ने न केवल केंद्रीकृत निपटान सुविधाओं पर निर्भरता कम की है, बल्कि जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया है. इस गति को और आगे बढ़ाने के लिए, एक समर्पित आर.आर.आर. (रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल) केंद्र आज कमीशन किया गया है. जो सूखे कचरे, दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली वस्तुओं और रीसाइकिल करने योग्य वस्तुओं के लिए वन-स्टॉप संग्रह बिंदु के रूप में काम करेगा.

इस केंद्र का उद्देश्य निवासियों के बीच पर्यावरणीय जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देते हुए सामग्री पुनर्प्राप्ति को बढ़ाना है. यह पहल दिल्ली डिवीजन की अपनी आवासीय कॉलोनियों में टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसका पालन हरित भविष्य की ओर अपनी यात्रा में किया जाना चाहिए.

मंडल रेल प्रबंधक, दिल्ली ने अधिकारियों के साथ सैन मार्टिन मार्ग और चेम्सफोर्ड रोड रेलवे कॉलोनियों और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पौधे रोपे। दिल्ली मंडल में रेलवे कॉलोनियों जैसे सरोजिनी नगर, दिल्ली किशन गंज, दयाबस्ती, सोनीपत, करनाल आदि तथा रेलवे स्टेशन एवं यार्डों जैसे आनंद विहार टर्मिनल, जींद, गुरुग्राम, हजरत निजामुद्दीन, फरीदाबाद, पलवल, मेरठ शहर तथा मेरठ कैंट आदि में कुल 9660 पौधे लगाए गए.

-भारत एक्सप्रेस 



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