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गिरने वाली है जम्मू-कश्मीर सरकार! उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप

Omar Abdullah: जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को पैसों का ऑफर देकर पाला बदलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है.

Omar Abdullah

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Omar Abdullah: जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को पैसों का ऑफर देकर पाला बदलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है.

दरअसल उमर अब्दुल्ला अपनी दादी अकबर जहान की 26वीं पुण्यतिथि पर पार्टी का सम्मेलन आयोजित किया था. जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला.

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने का प्रयास कर रही है. उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ने उनके विधायकों को पैसों का लालच दिया. जब पैसे से बात नहीं बनी तो उन्हें मंत्रालय का लालच दिया. जब उससे भी बात नहीं बनी तो अब बीजेपी उनके विधायकों से कह रही है कि हमारे साथ आ जाओगे तो हम आपको रियासत देंगे.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि उनके सभी विधायकों ने सभी बातें मुझसे बताई. सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी का एक वकील मेरे एक विधायक से बंद कमरे में मीटिंग करता है. और कहता है कि हमारे साथ आइए, हम आपको मंत्रालय भी देंगे और राज्य का दर्जा भी दिलाएंगे. इसके लिए 20 से 30 करोड़ रुपये तक देने की बात कही गई.

हमारे नेताओं का ईमान सस्ता नहीं

उन्होंने आगे कहा कि शायद कुछ लोग यह समझते हैं कि नेताओं का ईमान इतना सस्ता होता है, लेकिन उनके साथ खड़े लोग 20 करोड़ या 100 करोड़ रुपये के लिए भी अपना ईमान बेचने वाले नहीं हैं.

उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद उन्होंने केंद्र को अपने वादे पूरे करने के लिए समय दिया, लेकिन अब उन्हें लगता है कि केंद्र मौजूदा व्यवस्था को ही बनाए रखना चाहता है.

हमें काम नहीं करने दिया जा रहा- अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में चुनी हुई सरकार को पूरी तरह से काम करने नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार को काम ही नहीं करने देना था, तो चुनाव कराने का मतलब क्या था? उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाया,

अगर आप हमें सरकार चलाने नहीं देंगे, तो फिर हमें सरकार बनाने की अनुमति क्यों दी गई? इससे बेहतर था कि चुनाव ही नहीं कराए जाते.

उन्होंने केंद्र से राज्य का दर्जा बहाल करने की समयसीमा पर स्पष्ट जवाब मांगा. उमर ने कहा कि केंद्र बार-बार उचित समय की बात करता है, लेकिन यह उचित समय आएगा कब, यह कोई नहीं बताता.

जब भाजपा की सत्ता आएगी तब…

उन्होंने पूछा,

“हमें कैसे पता चलेगा कि उचित समय आ गया है? उस समय तक पहुंचने के लिए मुझे और मेरे साथियों को क्या करना होगा?” उमर अब्दुल्ला ने यह भी सवाल उठाया कि क्या केंद्र की नजर में उचित समय तभी आएगा, जब जम्मू-कश्मीर में भाजपा सत्ता में आएगी.

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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने संसदीय चुनाव में भी हिस्सा लिया और विधानसभा चुनाव में भी लोकतांत्रिक तरीके से मतदान किया. ऐसे में अब लोगों को राज्य का दर्जा वापस पाने की उम्मीद में और कितने चुनाव लड़ने होंगे?

-भारत एक्सप्रेस



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