Bharat Express DD Free Dish

Bharat Express ♦ Operation Drugs Capital: दिल्ली में नशे के कारोबारियों की खुली पोल, कैमरे में ‘कैद’ हुए ड्रग्स माफिया

Drugs Rackets in Delhi: दिल्ली में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद, कई इलाकों में खुलेआम ड्रग्स की बिक्री जारी है, जिससे युवा पीढ़ी की जिंदगी पर गहरा असर पड़ रहा है.

Operation Drugs Capital news
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ड्रग्स माफिया तेजी से पांव पसार रहा है. भारत एक्सप्रेस न्‍यूज चैनल की SIT Team के “ऑपरेशन ड्रग्स कैपिटल” में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. हमारी पड़ताल में सामने आया कि दिल्ली में ड्रग्स तस्‍कर कई तरीकों से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस और अन्य संबंधित विभाग दावा करते हैं कि उन्होंने ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है.

“ऑपरेशन ड्रग्स कैपिटल” के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में ड्रग्स बेचने का भंडाफोड़ हुआ, जिससे साफ जाहिर होता है कि ड्रग्स माफियाओं का दिल्ली में लगातार प्रभाव बढ़ रहा है.

दिल्ली के कई इलाकों में खुलेआम बिक रहा है ड्रग्स

स्‍पेशल ऑपरेशन के दौरान, दिल्ली के मजनू टीला, गोपालपुर, मंगोलपुरी, नंदनगरी, सुल्तानपुरी और पुश्ता रोड जैसे इलाकों में ड्रग्स का कारोबार उजागर हुआ. मजनू टीला में ड्रग्स बेचने वाला एक शख्‍स कपिल ने कहा कि यहां 200 रुपए का गांजा आसानी से उपलब्ध है, और चरस भी खुलेआम बिक रही है. गोपालपुर इलाके में भी ड्रग्स का कारोबार बढ़ा हुआ है, जहां गांजा 100-200 रुपए के पैकेट्स में बिक रहा है.

मंगोलपुरी में ड्रग्स का कारोबार न केवल वयस्कों बल्कि नाबालिगों के द्वारा भी किया जा रहा है. यहां एक नाबालिग लड़का गांजा बेच रहा था, जबकि दूसरे ने पेमेंट लिया. नंदनगरी में भी दिन के उजाले में स्मैक और गांजा खुलेआम बिक रहा है. पुश्ता रोड और सुल्तानपुरी में भी ड्रग्स की बिक्री जारी है, जहां गांजे की छोटी पुडिया 60 रुपए में बिक रही है.

पुलिस कार्रवाई में कमी, माफिया का बढ़ता प्रभाव

दिल्ली पुलिस के ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कई अभियान चलाने के बावजूद, ड्रग्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है. दिल्ली पुलिस के नारकोटिक्स यूनिट द्वारा नियमित कार्रवाई की जा रही है, लेकिन गली-गली में ड्रग्स की बिक्री और तस्करों की बढ़ती ताकत यह सवाल उठाती है कि क्या पुलिस और सरकार का अभियान प्रभावी साबित हो रहा है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों की चिंता

इस पूरे मामले पर समाजसेवी सुरेश कौशल ने चिंता जताई है कि दिल्ली में नशे का कारोबार युवाओं की जिंदगी को नष्ट कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस को इस समस्या पर गहरी नजर रखनी होगी. वहीं, सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट संदीप मिश्रा ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है.

अधिकारी माने रहे- ड्रग्स का कारोबार बढ़ चुका

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी में बाहरी तत्व भी शामिल हैं, और तस्कर केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं. हालांकि, शहर में ड्रग्स के खुलेआम बिकने के बावजूद पुलिस के लिए इसे रोकना एक चुनौती बन गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर ड्रग्स के खिलाफ अभियान भी शुरू किया गया था, लेकिन इसका कोई ठोस असर नहीं दिखा है.

नशा मुक्ति की दिशा में और कदम उठाने की आवश्यकता

दिल्ली में ड्रग्स का कारोबार बढ़ने से शहर की युवाओं की मानसिकता और सेहत पर गहरा असर हो रहा है. सरकार और पुलिस को अब अपने अभियान को और प्रभावी बनाते हुए, इस गंदगी से दिल्ली को मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे. साथ ही, समाज को भी इस समस्या से निपटने के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है.

तत्‍काल कार्रवाई नहीं हुई तो माफियाओं की गिरफ्त में होंगे हम

हालांकि दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा ड्रग्स के खिलाफ कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन ड्रग्स माफियाओं की बढ़ती ताकत और खुलेआम ड्रग्स की बिक्री इस बात का संकेत है कि इस मुद्दे पर गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है. यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो दिल्ली ड्रग्स माफियाओं की गिरफ्त में और ज्यादा फंस सकती है.

इसलिए ड्रग्स के जहर को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने की दरकार है. ऐसे में जरूरत है हुकुमरानों और पुलिस को सजग और सतर्क हो जाने की.

यह भी पढ़िए: ड्रग्स माफियाओं की गिरफ्त में दिल्ली! देखें भारत एक्सप्रेस की विशेष पड़ताल

  • भारत एक्सप्रेस


इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read