पुष्कर सिंह धामी
Uttarakhand News: उत्तराखंड की पहचान संस्कृति, परंपरा, और आध्यात्मिकता से है. ‘देवभूमि’ कहलाने वाले इस पावन राज्य में हर कण में आस्था है और हर नागरिक के जीवन में शांति, सहिष्णुता और सद्भाव बसता है. लेकिन बीते कुछ वर्षों में कुछ असमाजिक तत्वों और उपद्रवियों ने इसकी मर्यादा को भंग करने में कोई कमी नहीं छोड़ी, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के धाकड़ प्रहार ने ध्वस्त कर दिया.
उत्तराखंड (Uttarakhand) की सांस्कृतिक अस्मिता और धार्मिक मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों पर अब सरकार ने सीधा वार किया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू हुए सख्त अभियानों का असर अब साफ दिख रहा है. असामाजिक तत्वों में कानून का डर और खौफ दोनों है.
ऑपरेशन कालनेमि: छद्म वेशधारियों पर वार
प्रदेश में भगवा चोले और धार्मिक पहचान की आड़ में लोगों को ठगी का शिकार बनने वाले और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों की तेजी से पहचान हो रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के निर्देश पर चलाया गया “ऑपरेशन कालनेमि” एक ऐसा सशक्त अभियान है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा करना है.
उत्तराखंड के 13 जिलों में चला यह ऑपरेशन
प्रदेश के 13 जिलों में चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 2448 लोगों की पहचान की गई, 377 संदिग्धों को चिह्नित किया गया और भगवा चोले की आड़ में पहचान छिपा कर लोगों को ठगने पर 222 अभियुक्तों पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है जबकि 140 गिरफ्तारियां सुनिश्चित की गईं.
इस अभियान के तहत संवेदनशील इलाकों में पहचान पत्र, निवास प्रमाण, और दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि कोई ढोंगी बच न पाए.
उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने यह प्रमाणित किया है कि जब नेतृत्व संकल्पित हो, तो अस्मिता पर उठे हर हाथ को रोका जा सकता है.धर्म की रक्षा, अस्मिता की सुरक्षा, और प्रदेश की आत्मा – उत्तराखंडीयत की पहचान बनाए रखना ही धामी सरकार का मूल मंत्र है.
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