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ओसामा बिन लादेन के निशाने पर भारत! 9/11 के 25 साल बाद खुला राज, CIA के पुराने दस्तावेजों में क्या-क्या आया सामने?

Osama Bin Laden: CIA द्वारा सार्वजनिक किए गए पुराने खुफिया दस्तावेजों से पता चलता है कि 1998 की एक रिपोर्ट में ओसामा बिन लादेन की संभावित आतंकी योजनाओं के संदर्भ में भारत समेत कई देशों का जिक्र था.

Osama Bin Laden plan to attack India CIA report

ओसामा बिन लादेन के हिट लिस्ट में था भारत CIA के रिपोर्ट में खुलासा

Osama Bin Laden plan to attack India: अल कायदा के कुख्यात सरगना ओसामा बिन लादेन को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के पुराने दस्तावेजों से एक अहम जानकारी सामने आई है. इन दस्तावेजों के मुताबिक, भारत भी उन देशों में शामिल था जहां बिन लादेन आतंकी हमले करवाने की योजना बना रहा था. यह खुलासा 1998 में तैयार किए गए एक प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ से हुआ है.

CIA ने 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर बिन लादेन से जुड़े 70 से अधिक प्रेसिडेंशियल इंटेलिजेंस ब्रीफ सार्वजनिक किए हैं. इनमें 100 से ज्यादा पन्नों की खुफिया सामग्री शामिल है. दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि अमेरिका को उस दौर में अल कायदा के बढ़ते नेटवर्क और संभावित हमलों को लेकर लगातार चेतावनी मिल रही थी.

1998 की रिपोर्ट में भारत का जिक्र

28 अगस्त 1998 की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले कराने की इच्छा रखता था. इनमें भारत के साथ पाकिस्तान, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया का नाम भी शामिल था.

हालांकि, रिपोर्ट में भारत को लेकर किसी खास शहर, इमारत या स्थान को निशाना बनाने की जानकारी नहीं दी गई थी. न ही किसी हमले की तारीख या विस्तृत ऑपरेशनल प्लान का उल्लेख था. दस्तावेज का कुछ हिस्सा अब भी सार्वजनिक नहीं किया गया है.

60 से ज्यादा देशों में फैला था नेटवर्क

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि अफगानिस्तान में मौजूद बिन लादेन और दूसरे आतंकी नेताओं पर अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद उनका नेटवर्क खत्म नहीं हुआ था. उनकी संचार व्यवस्था सक्रिय थी और कुछ आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण गतिविधियां दोबारा शुरू होने की जानकारी भी थी.

CIA का आकलन था कि बिन लादेन कम से कम 60 देशों में मौजूद अपने सहयोगियों और आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इस्तेमाल हमलों के लिए कर सकता था. अमेरिका और ब्रिटेन को भी संभावित हमलों का खतरा बताया गया था.


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9/11 से पहले लगातार मिल रही थी चेतावनी

जारी दस्तावेजों से यह भी सामने आता है कि 1998 से 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपतियों को आतंकी हमलों की आशंका के बारे में कई बार जानकारी दी गई थी. यह सिलसिला बिल क्लिंटन के कार्यकाल से शुरू होकर जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के राष्ट्रपति बनने तक जारी रहा.

11 सितंबर 2001 को अल कायदा के 19 आतंकियों ने चार विमानों का अपहरण किया. दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए, जबकि तीसरा पेंटागन से जा भिड़ा. चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुआ. इन हमलों में हजारों लोगों की जान गई और दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था हमेशा के लिए बदल गई.

-भारत एक्सप्रेस



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