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Operation Mahadev: 97 दिनों बाद ले लिया बदला, ‘ऑपरेशन महादेव’ में मारा गया पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड हाशिम मूसा

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाशिम मूसा भीषण मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों में शामिल था. सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट किया, “एक भीषण गोलीबारी में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है. अभियान जारी है.”

आतंकी मूसा. (फोटो: X)

Operation Mahadev: भारतीय सेना के स्पेशल फोर्स ने सोमवार (28 जुलाई) को श्रीनगर में एक मुठभेड़ के दौरान पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान मूसा को दो अन्य आतंकवादियों के साथ मार गिराया. आर्मी का यह बदला पहलगाम हमले के ठीक 97 बाद लिया गया. सेना ने इस अभियान को ऑपरेशन महादेव (Operation Mahadev) नाम दिया है.

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाशिम मूसा भीषण मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों में शामिल था. सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट किया, “एक भीषण गोलीबारी में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है. अभियान जारी है.”

सेना और अर्धसैनिक बल मिलकर चला रही ऑपरेशन

भारतीय सेना के अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें भी ऑपरेशन महादेव में शामिल हैं. रिपोर्टों से पता चलता है कि सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के हरवान इलाके में दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में विदेशी आतंकवादियों की गतिविधियों को रोका.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थानीय खानाबदोशों ने सुरक्षा बलों को सूचना दी थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सैनिक पिछले 14 दिनों से आतंकवादियों के मुवमेंट पर नज़र रख रहे थे.

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कौन है हाशिम मूसा ?

हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान मूसा पाकिस्तानी सेना के विशेष सेवा समूह (SSG) का पूर्व पैरा-कमांडो है. कई मीडिया संस्थानों द्वारा खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सेना में अपने पद से बर्खास्त होने के बाद, वह प्रतिबंधित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) में शामिल हो गया.

SSG में मूसा का बैकग्राउंड तब सामने आई जब पहलगाम आतंकवादी हमले के सिलसिले में जांच टीम द्वारा पूछताछ किए गए 14 कश्मीरी ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) में से एक ने जानकारी दी. इन OGW पर पाकिस्तानी आतंकवादियों के लिए रसद पहुंचाने और आतंकवादी स्थल की टोह लेने में मदद करने का संदेह है.

ऐसा माना जाता है कि मूसा को पाकिस्तानी सेना के SSG ने कश्मीर में संगठन के अभियानों को मज़बूत करने के लिए LeT में शामिल होने के लिए भर्ती किया था.

मूसा को अपरंपरागत युद्ध (Unconventional Warfare) और गुप्त अभियानों का स्पेशलिस्ट माना जाता है. उसके जैसे कमांडो आमतौर पर अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने, आमने-सामने की लड़ाई में शामिल होने, एडवांस नेविगेशन और सर्वाइवल स्किलमें माहिर माना जाता है.

-भारत एक्सप्रेस



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