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पानी के लिए मोदी सरकार के सामने गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते को बहाल करने के लिए 4 बार लिख चुका पत्र

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पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने भारतीय जल शक्ति मंत्रालय को कुल 4 पत्र भेजे हैं.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

India Pakistan conflict: पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत के द्वारा सिंधु जल संधि समझौता स्थगित करने के बाद पाकिस्तान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गया है. आए दिन वह भारत को पत्र लिखकर सिंधु जल समझौता फिर से बहाल करने का अनुरोध कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान अबतक चार बार भारत को पत्र लिखकर सिंधु जल संधि समझौता बहाल करने की गुहार लगा चुका है. हालांकि भारत की ओर से अभी तक इन पत्रों को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने भारतीय जल शक्ति मंत्रालय को कुल 4 पत्र भेजे हैं. जिसमें उन्होंने भारत सरकार से सिंधु जल संधि समझौते को फिर से बहाल करने का अनुरोध किया है. एक तरफ पाकिस्तान भारत से सिंधु जल समझौता निलंबन के फैसले की समीक्षा करने का आग्रह कर रहा है. तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान दुनिया में घूम-घूम कर कह रहा है कि, भारत सिंधु जल संधि समझौते का उल्लंघन कर रहा है.

पहलगाम हमले के बाद सिंधु समझौता स्थगित

22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों के द्वारा 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. इस आतंकवादी घटना के लिए भारत ने पाकिस्तान को जिम्मेवार ठहराते हुए 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि समझौते को स्थगित कर दिया. भारत ने इस संबंध में बताया कि उसने यह कदम पाकिस्तान के द्वारा आतंकियों को पनाह देने और उन्हें सीमा पार कराकर भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के जवाब में उठाया गया है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी समझौता है निलंबित

पहलगाम हमले के जवाब में 7 मई को भारत के द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया. जिसमें भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी संगठनों पर हवाई हमले किये. जिसके बाद पाकिस्तान भी भारत पर हवाई हमले करना शुरू कर दिया. 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हो गया, लेकिन भारत ने सिंधु जल संधि समझौते का निलंबन जारी रखा.

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चार युद्धों के बावजूद बरकरार था समझौता

भारत और पाकिस्तान के बीच अबतक कुल 4 युद्ध हो चुके हैं. लेकिन तब भी भारत ने सिंधु जल संधि समझौते को बरकरार रखा था. सिंधु नदी को पाकिस्तान का रीढ़ कहा जाता है. पाकिस्तान की 70 फीसदी से ज्यादा कृषि इसी नदी पर टिकी हुई है. इसके अलावा सिंधु नदी ही पाकिस्तान के कई शहरों की प्यास बुझाती है.

क्या है सिंधु जल समझौता

साल 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच एक जल बंटवारा समझौता हुआ. इस समझौते का मुख्य उद्वेश्य भारत और पाकिस्तान के बीच बहने वाली सिंधु और उसके सहायक नदियों के पानी का बंटवारा करना था. इसके तहत सिंधु नदी बेसिन से निकलने वाली 6 नदियों को 2 भागों में बांट दिया गया. जिसमें से व्यास, रावी और सतलुज का पानी भारत को मिला. जबकि सिंधु झेलम और चिनाब का पानी पाकिस्तान को मिला. पाकिस्तान को मिली इन नदियों में भी भारत को हिस्सा दिया गया. समझौते के मुताबिक इन नदियों के 30 प्रतिशत पानी पर भारत और 70 प्रतिशत पानी पर पाकिस्तान का हक है.

– भारत एक्सप्रेस



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