शास्त्रीय संगीत की दुनिया के चमकते सितारे और पद्मभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार सुबह निधन हो गया. 91 साल की उम्र में उन्होंने मिर्जापुर स्थित अपने घर पर सुबह 4:15 बजे अंतिम सांस ली. उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी. कुछ दिन पहले उन्हें वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन तबीयत में सुधार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था.
किसने दी जानकारी?
उनकी बेटी नम्रता ने बताया कि पंडित जी मिर्जापुर में ही घर पर थे और वहीं उनका निधन हुआ. पार्थिव शरीर को गुरुवार सुबह 11 बजे तक वाराणसी लाया जाएगा, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे. शाम 7 बजे बनारस में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
कैसे हुई मौत?
सितंबर में उन्हें चेस्ट में तकलीफ के चलते बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. उन्हें माइनर हार्ट अटैक आया था और जांच में चेस्ट इंफेक्शन और खून की कमी पाई गई थी. इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और परिवार उन्हें मिर्जापुर वापस ले गया था.
मिर्जापुर में जारी था इलाज
मिर्जापुर में भी उनका इलाज जारी था. मां विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी. रामकृष्ण सेवा मिशन अस्पताल में भी उनकी जांच हुई थी जहां हीमोग्लोबिन की कमी और त्वचा संबंधी समस्याएं सामने आई थीं.
पीएम से था खास रिश्ता
पंडित छन्नूलाल मिश्र का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी खास रिश्ता रहा है. साल 2014 में जब पीएम मोदी ने वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा था तब पंडित जी उनके प्रस्तावक बने थे. उन्हें 2010 में यूपीए सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया था और यूपी की अखिलेश सरकार ने यश भारती पुरस्कार भी दिया था.
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शोक की लहर
उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर है. बनारस की गलियों में गूंजती उनकी ठुमरी और भजन अब सिर्फ यादों में रह जाएंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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