panihati election result 2026: आज 4 मई 2026 की सुबह पश्चिम बंगाल के पनिहाटी( rg kar victim mother constituency) में जो हो रहा है, वह किसी भी चुनावी जीत से ज्यादा भावनात्मक है. आरजी कर कांड की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ, जिन्हें बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया था, आज भारी मतों से आगे चल रही हैं.
शुरुआती राउंड्स में ही उन्होंने टीएमसी के तीर्थंकर घोष को पछाड़ते हुए 21,313 वोटों की बड़ी बढ़त बना ली है. यह बढ़त सिर्फ एक सीट की नहीं है, यह उस मां के आंसुओं का जवाब है जिसने कसम खाई थी कि जब तक बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा, वह अपने बालों में कंघी तक नहीं करेंगी.
‘मैं बाल नहीं संवारूंगी…’ प्रतिज्ञा बनी क्रांति?(rg kar victim mother)
पनिहाटी के चुनाव प्रचार के दौरान रत्ना देवनाथ का एक बयान पूरे बंगाल के घर-घर तक पहुँचा था कि “मेरी मुख्य दुश्मन ममता बनर्जी हैं क्योंकि वह स्वास्थ्य मंत्री हैं. जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, मैं अपने बालों में कंघी नहीं करूँगी. आज पनिहाटी की जनता ने शायद उसी बिखरे बालों वाली मां के दर्द को समझा है. रुझान बता रहे हैं कि जनता ने ‘संगठन’ के ऊपर ‘संवेदना’ को चुना है.
आरजी कर कांड: वो जख्म जिसे बंगाल नहीं भूला
अगस्त 2024 में आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में जो दरिंदगी हुई थी, उसने बंगाल की सड़कों पर ‘रात दखल’ (Night Occupy) जैसे आंदोलनों को जन्म दिया था. बीजेपी ने रत्ना देवनाथ को पनिहाटी से उतारकर इस चुनाव को ‘न्याय बनाम अन्याय’ की लड़ाई बना दिया. आज जिस तरह से रत्ना देवनाथ आगे चल रही हैं, वह साफ संकेत है कि आरजी कर मामला अब भी बंगाल के वोटरों के दिल में सुलग रहा है.
‘सनातनी’ फैक्टर और शुभेंदु का दांव(ratna debnath)
पूरे बंगाल की बात करें तो बीजेपी 141 से 180 सीटों के बीच झूल रही है, जबकि टीएमसी ने फासला कम करते हुए 135 का आंकड़ा छुआ है. विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुस्लिम बहुल बूथों पर टीएमसी को लीड मिली, लेकिन जैसे ही हिंदू और सनातनी बहुल बूथों की ईवीएम खुलनी शुरू हुईं, बीजेपी ने अपनी बढ़त बना ली. शुभेंदु का दावा है कि आरजी कर कांड ने हिंदू परिवारों को सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट कर दिया है.
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क्या पनिहाटी से शुरू हुआ दीदी का पतन?(rg kar victim mother constituency)
पनिहाटी में टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष, जो कि स्थानीय रसूखदार नेता निर्मल घोष के बेटे हैं, इस समय रत्ना देवनाथ की आंधी में पीछे छूटते नजर आ रहे हैं. अगर यह रुझान जीत में बदलता है, तो यह बंगाल के इतिहास की सबसे ‘इमोशनल’ जीत होगी. यह जीत संदेश देगी कि सत्ता की ताकत एक मां के आंसुओं के सामने बौनी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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