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सफलता के लिए पीएम मोदी ने दिया संस्कृत का ‘महामंत्र’, बताया- कौशल और परिश्रम से कैसे हर लक्ष्य होगा आसान

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज एक विशेष संस्कृत सुभाषित के जरिए देशवासियों को प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि सक्षम व्यक्ति के लिए कुछ भी भारी नहीं है और मेहनती के लिए कोई लक्ष्य दूर नहीं. यह पोस्ट युवाओं को कौशल विकास और परिश्रम के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से साझा की गई है.

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PM Modi Subhashitam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर अपने संबोधनों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए युवाओं और देशवासियों को प्रेरित करते रहते हैं. इसी कड़ी में आज उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद गहरा और अर्थपूर्ण संस्कृत सुभाषित साझा किया है. पीएम ने बताया कि कैसे कौशल, कड़ी मेहनत और करुणा हमारे जीवन की वो ताकतें हैं, जो किसी भी मुश्किल राह को आसान बना सकती हैं.

श्लोक के जरिए दी जीवन की बड़ी सीख

प्रधानमंत्री ने जो श्लोक साझा किया है, वह सदियों पुरानी भारतीय बुद्धिमत्ता का निचोड़ है. श्लोक है:

“को हि भारः समर्थानां किं दूरं व्यवसायिनाम्।
को विदेशः सुविद्यानां कः परः प्रियवादिनाम्॥”

इस छोटे से श्लोक में पीएम ने जीवन की चार बड़ी सच्चाइयों के बारे में बताया गया है. उन्होंने इसका सरल अर्थ समझाते हुए कहा कि जो लोग सक्षम या कुशल हैं, उनके लिए कोई भी काम भारी या मुश्किल नहीं होता. वहीं जो परिश्रमी हैं उनके लिए कोई भी लक्ष्य बहुत दूर नहीं है. यानी अगर आप मेहनत करने से पीछे नहीं हटते तो मंजिल चाहे कितनी भी ऊंची क्यों न हो आप वहां तक पहुंच ही जाएंगे.

चुनौतियों से लड़ने का हथियार

प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में इस बात को रेखांकित किया कि कौशल, परिश्रम और करुणा सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि ये हमारे जीवन की अद्भुत शक्तियां हैं. इनके दम पर न केवल हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं, बल्कि अपने लक्ष्यों को भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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