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पप्पू यादव पर ‘दोहरी’ मार! महिला आयोग के नोटिस के बीच चुनाव प्रचार के दौरान बिगड़ी तबीयत

पश्चिम बंगाल के मालदा में चुनाव प्रचार के दौरान सांसद पप्पू यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसी बीच महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भी जारी किया है.

Pappu Yadav health issue

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार जोरों पर है. इसी दौरान बिहार की पूर्णिया सीट से सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) मंगलवार को मालदा में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे. प्रचार के दौरान तेज गर्मी की वजह से उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया है.

चुनावी रैली में बिगड़ी तबीयत (Pappu Yadav health update)

पप्पू यादव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे बिस्तर पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं और उनकी तबीयत ठीक नहीं दिख रही है. वीडियो में कुछ लोग उनके पास बैठे हैं और उनके सिर पर पानी डालते हुए दिखाई दे रहे हैं.

उनकी टीम ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि मालदा में चुनाव प्रचार के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई. पप्पू यादव उस समय पश्चिम बंगाल के मालदा में प्रचार कर रहे थे. गौर करने वाली बात यह है कि राज्य में पहले चरण के चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन था. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहला 23 अप्रैल को तो दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा.

महिला आयोग ने भेजा नोटिस (Women commission notice Pappu Yadav)

बता दें कि बिहार राज्य महिला आयोग ने सांसद पप्पू यादव के एक बयान पर खुद से संज्ञान लिया है. यह मामला महिलाओं से जुड़ी टिप्पणी का है, जिस पर आयोग ने आपत्ति जताई है. इसके बाद आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. उन्हें तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखने को कहा गया है. आयोग ने यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया और उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने पर विचार क्यों नहीं होना चाहिए.


ये भी पढ़ें: ‘नेताओं के बेड से शुरू होता है 90% महिलाओं का करियर’, सांसद पप्पू यादव के बिगड़े बोल


हाल ही में संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा कि, “भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन उन्हें असली सम्मान नहीं मिलता. इसके लिए सिस्टम और समाज जिम्मेदार है. 90% महिलाएं बिना राजनेताओं के ‘कमरे’ में जाए राजनीति नहीं कर सकतीं.”

-भारत एक्सप्रेस



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