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‘इलाज नहीं, हत्या है! पटना में डॉक्टर की एक गलती और खत्म हो गया हंसता-खेलता परिवार

Patna Case: पटना के दानापुर स्थित आरपीएस मोड़ के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही ने एक ही परिवार की तीन जिंदगियां छीन लीं. प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती कराई गई 25 वर्षीय महिला और उसके जुड़वां बच्चों की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

दानापुर के निजी अस्पताल के बाहर पुलिस और हंगामा करते हुए मृतका अनु सिंह के परिजन.

निजी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान महिला और दो जुड़वां बच्चों की मौत, परिजनों ने किया हंगामा. (PC:भारत एक्सप्रेस)

Patna Case:दानापुर/राजेश कुमार: राजधानी पटना से सटे दानापुर क्षेत्र से चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है. आरपीएस मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज में हुई लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे दो मासूम बच्चों की मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा.

दानापुर के आरपीएस मोड़ स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में प्रसव के दौरान 25 वर्षीय अनु सिंह और उनके दो जुड़वां बच्चों की मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टर पर ओवरडोज दवा देने और लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ भाग निकला. पुलिस और FSL टीम मामले की जांच कर रही है.

ओवरडोज दवा देने का आरोप

घटना दानापुर थाना क्षेत्र के आरपीएस मोड़ स्थित निजी अस्पताल की है. राजीव नगर निवासी बिट्टू सिंह की 25 वर्षीय पत्नी अनु सिंह का पिछले आठ महीने से इसी अस्पताल में इलाज चल रहा था. शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उन्हें यहां भर्ती कराया था. परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों ने महिला को अत्यधिक मात्रा में बेहोशी की दवा दे दी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और गर्भ में पल रहे दोनों जुड़वां बच्चों की मौत हो गई. आरोप है कि बच्चों की मौत के बाद भी डॉक्टरों ने महिला को किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया और इलाज के अभाव में जच्चा ने भी दम तोड़ दिया. मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क उठे, जिसके बाद आरोपी डॉक्टर और पूरा पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गया.

पुलिस और FSL टीम खंगाल रही सबूत

अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अजीत कुमार और दानापुर थानाध्यक्ष पीके भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक (FSL) टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है. पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि इलाज के दौरान मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका का पता लगाया जा सके. एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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