उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना कई ऐसे परिवारों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जो वर्षों से किराए के मकान में रहने को मजबूर थे. किसी ने 10 साल तक किराए का घर देखा तो कोई करीब दो दशक से इसी परेशानी के साथ जिंदगी गुजार रहा था. अब इन परिवारों के पास अपना पक्का घर है या फिर घर का निर्माण तेजी से चल रहा है.
अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी इन परिवारों के चेहरों पर साफ दिखाई देती है. लाभार्थियों का कहना है कि खुद की छत मिलने से न सिर्फ रहने की परेशानी दूर हुई है, बल्कि हर महीने किराया देने की चिंता भी काफी हद तक खत्म हो गई है.
10-12 साल किराए के घर में रहीं माधुरी
उन्नाव की नई बस्ती की रहने वाली माधुरी भी उन लाभार्थियों में शामिल हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा मिला है. मूल रूप से साहबखेड़ा की रहने वाली माधुरी पिछले 10-12 साल से किराए के मकान में रह रही थीं. किराए के घर में रहने के दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
योजना के तहत उन्हें 2.5 लाख रुपये की किस्त मिली. इस आर्थिक मदद से उन्होंने अपने प्लॉट पर दो कमरों का पक्का मकान तैयार कर लिया. माधुरी के लिए यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि लंबे समय से देखा जा रहा सपना पूरा होने जैसा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना की वजह से उन्हें अपना घर मिला है.
20 साल का इंतजार अब खत्म होने वाला है
ज्ञानमती की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वह करीब 20 साल से किराए के मकान में रह रही थीं. उन्होंने तीन साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था. काफी इंतजार के बाद फरवरी में उनके बैंक खाते में पहली किस्त पहुंची, जिसके बाद उन्होंने अपने घर का निर्माण शुरू करा दिया.
अब उनका मकान लगभग तैयार होने की स्थिति में है. ज्ञानमती का कहना है कि अपना घर मिलने के बाद सबसे बड़ी राहत यह होगी कि हर महीने किराए की रकम जुटाने की चिंता नहीं रहेगी. उनके मुताबिक, घर बनने की खुशी शब्दों में बताना मुश्किल है.
किसी का घर तैयार, किसी का निर्माण जारी
कुलुआगाड़ा की रहने वाली सिया दुलारी के लिए यह सपना अब हकीकत बन चुका है. उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है और वह अपने नए घर में रहने भी लगी हैं. उनका कहना है कि अपना घर होने से रोजमर्रा की जिंदगी काफी आसान हो गई है.
सिया दुलारी के मुताबिक, गरीब परिवार के लिए खुद की छत का मतलब सिर्फ चार दीवारें नहीं होता. यह सुरक्षा और स्थिरता का एहसास भी देती है. उनका कहना है कि हर परिवार चाहता है कि उसके सिर पर अपनी छत हो और उसे हर महीने किराए का इंतजाम न करना पड़े.
15 साल बाद बंटी निर्मल बना रहे अपना मकान
कुलहुवा गाड़ा के रहने वाले बंटी निर्मल भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हैं. वह पिछले करीब 15 साल से शेखपुर में किराए के मकान में रह रहे थे. अब आवास विकास में उनका अपना मकान बन रहा है.
बंटी का कहना है कि लंबे समय तक किराए के घर में रहने के बाद अपना मकान बनते देखना उनके लिए बड़ी खुशी की बात है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार गरीब परिवारों के बारे में सोच रही है और ऐसी योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है.
उन्नाव के इन परिवारों की कहानियों में एक बात समान है कि अपना घर मिलने से भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है. किसी के घर की नींव पड़ चुकी है, किसी का निर्माण पूरा हो गया है तो कोई जल्द ही नए मकान में कदम रखने वाला है.
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-भारत एक्सप्रेस
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