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मरे हुए इंसान ने पास की 2-2 परीक्षाएं! CID के कारनामे से गरमाई झारखंड की सियासत; मरांडी ने खोला मोर्चा

Babulal Marandi On CID Botch UP: ‘वाह रे CID… 2018 में मरे हुए व्यक्ति से पास करवा दी परीक्षा. झारखंड में JSSC-JPSC घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने खोला मोर्चा, सीएम हेमंत सोरेन से CBI जांच की मांग की है.

BJP leader Babulal Marandi raising serious questions over the CID investigation into the Jharkhand exam scam and demanding a CBI probe from CM Hemant Soren

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी

Babulal Marandi On CID Botch UP: “वाह रे CID! मरे हुए व्यक्ति से परीक्षा लिखवा दिया, कैसे यकीन करें इस जांच पर…” यह तीखा और तंज भरा बयान झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) का है. झारखंड में JSSC-CGL और JPSC परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही राज्य की CID (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) की एक भारी लापरवाही ने पूरी हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

CID का ‘भूतिया’ कारनामा (Babulal Marandi statement)

दरअसल, CID की जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सबको चौंका दिया है. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, अभय तिवारी के पिता ने दो परीक्षाएं पास की हैं. लेकिन बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अभय तिवारी के पिता की मौत साल 2018 में ही हो चुकी है! अब सवाल यह उठ रहा है कि जो व्यक्ति 6 साल पहले दुनिया छोड़ चुका है, उसने परीक्षा कैसे पास कर ली? मरांडी ने आरोप लगाया कि CID और ACB जैसी राज्य की एजेंसियां केवल परीक्षा घोटालों पर लीपापोती करने और बड़े दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही हैं.

‘बड़े अधिकारी मिटा रहे हैं सुबूत’

बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे मामले में साक्ष्यों (Evidence) के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, “पहली जांच में जो महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, उसे पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ले गए. बचे-खुचे खुले साक्ष्य ख्यांगते ले गए. अब डर है कि जो कुछ बचा है, उसे कोई तीसरा विवादास्पद अधिकारी (मनोज कौशिक) नष्ट न कर दे.” मरांडी ने अंदेशा जताया है कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो झारखंड के छात्रों और युवाओं के हाथ कुछ नहीं लगेगा.

CM हेमंत सोरेन को चेतावनी (Babulal Marandi Jharkhand exam scam)

युवाओं के भविष्य का हवाला देते हुए मरांडी ने सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर CBI जांच के लिए सहमति देने की मांग की है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “ऐसा न हो कि महंगे वकीलों के सहारे तारीख पर तारीख ली जाती रहे और डिजिटल साक्ष्य नष्ट हो जाएं. यदि न्यायालय के आदेश के बाद ही CBI जांच होती है, तब तक महत्वपूर्ण साक्ष्य मिट चुके होंगे. कहीं इस जांच का हश्र भी शराब घोटाले की ACB जांच जैसा हवा-हवाई न हो जाए, जहां मुख्य अभियुक्त बिना चार्जशीट के डिफॉल्ट बेल लेकर मजे से बाहर आ जाएं.”

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो

झारखंड का युवा आज खुद को सिस्टम के हाथों ठगा हुआ महसूस कर रहा है. बाबूलाल मरांडी ने साफ कर दिया है कि अगर हेमंत सरकार में छात्रों के प्रति थोड़ी भी संवेदना है, तो साक्ष्यों से खिलवाड़ रोककर मामले की सीबीआई (CBI) जांच सुनिश्चित करानी चाहिए, ताकि इस महा-घोटाले की असली सच्चाई सामने आ सके.



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