Bharat Express DD Free Dish

‘आदिचुंचनगिरी मठ 2000 साल पुरानी परंपरा का जीवंत प्रमाण’, कर्नाटक में पीएम मोदी ने किया श्रीगुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन

पीएम मोदी ने कर्नाटक के मांड्या जिले में श्रीगुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वास्थ्य योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए नौ संकल्पों की अपील की.

PM Modi Adichunchanagiri Temple Inauguration: कर्नाटक के मांड्या जिले में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीगुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना की और ऐतिहासिक ज्वालापीठ में समय बिताया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और माहौल भक्तिमय हो गया.

भावनाओं से भरा संबोधन

पीएम मोदी ने कहा कि इस पवित्र स्थल पर बिताया गया हर पल उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा. उन्होंने संतों के सानिध्य और जनसमूह के आशीर्वाद को जीवनभर की याद बताया. पीएम मोदी ने इसे अपना सौभाग्य माना कि उन्हें इस अवसर पर यहां आने का मौका मिला.

भारत की सांस्कृतिक विरासत पर जोर

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत की हजारों साल पुरानी सभ्यता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम उदाहरण हैं जहां परंपराएं इतनी लंबे समय तक जीवित रही हों. आदिचुंचनगिरी मठ को उन्होंने 2,000 साल पुरानी परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रमाण बताया.

संतों की भूमिका पर विचार

पीएम मोदी ने कहा कि समाज में समय-समय पर ऐसे महापुरुष आते रहे हैं जो केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही नहीं देते बल्कि लोगों की कठिनाइयों को समझकर उन्हें समाधान का रास्ता दिखाते हैं.

स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए बताया कि करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है. उन्होंने कहा कि अब 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है ताकि उन्हें सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.

महास्वामीजी के योगदान की सराहना

पीएम मोदी ने आदिचुंचनगिरी मठ के महास्वामीजी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई संस्थान स्थापित किए हैं. प्राथमिक से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई की सुविधा यहां उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को बड़ा लाभ मिला है. स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उन्होंने सेवा भाव से प्रेरित संस्थानों की स्थापना की.

नौ अहम आग्रह

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से नौ संकल्प लेने की अपील की. इनमें पानी बचाना, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाना, स्वच्छता बनाए रखना, ‘वोकल फॉर लोकल’ को अपनाना, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना, प्राकृतिक खेती करना, भोजन में मिलेट्स शामिल करना, खाने में तेल की मात्रा कम करना, योग और खेल को जीवन का हिस्सा बनाना तथा जरूरतमंदों की सेवा करना शामिल है.

ये भी पढ़ें-1 साल, 7 लड़कियां और खौफनाक खेल! महाराष्ट्र में 19 साल का ‘हैवान’; डिलीट डेटा खोलेगा कितने राज?

विकसित भारत का सपना

पीएम मोदी ने कहा कि अगर इन नौ आग्रहों पर ईमानदारी से अमल किया जाए तो विकसित कर्नाटक और विकसित भारत का सपना जल्द ही साकार हो सकता है. उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन किया.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read