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दिल्ली वालों की मौज! 6969 करोड़ की ‘सुपर-टनल’ को पीएम मोदी की मंजूरी, छूमंतर होगा ट्रैफिक जाम

दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज (नेल्सन मंडेला मार्ग) से जोड़ने वाली 6-लेन अंडरग्राउंड टनल को पीएम मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. 6969.67 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच सफर ‘सुपरफास्ट’ हो जाएगा.

PM Modi Approved Dwarka Expressway Tunnel Vasant Kunj Nelson Mandela Marg NHAI HAM Project

दिल्ली के जानलेवा ट्रैफिक जाम में फंसने वालों के लिए एक ऐसी ‘महा-खुशखबरी’ आई है, जो सीधे तौर पर आपके सफर की तकदीर बदल देगी! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे (NH 248 BB) को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली 6-लेन की अंडरग्राउंड ‘सुपर-टनल’ (सड़क सुरंग) के निर्माण को मंजूरी दे दी है. यह 6969.67 करोड़ रुपये का हाई-टेक प्रोजेक्ट दिल्ली के वेस्ट और साउथ हिस्से के बीच की दूरी को ‘रॉकेट’ की स्पीड से कम कर देगा.

जमीन के नीचे दौड़ेगी दिल्ली, जंगल भी रहेगा सुरक्षित

8.1 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर में 3.14 किलोमीटर की एक शानदार ट्विन-ट्यूब टनल (Twin-tube Tunnel) बनाई जाएगी. यह सुरंग शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होगी. सबसे खास बात यह है कि इसका 1.98 किलोमीटर हिस्सा ‘सदर्न रिज’ (Southern Ridge) के घने जंगलों के ठीक नीचे से गुजरेगा. यानी ऊपर पेड़-पौधे और वन्यजीव पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे, और जमीन के सीने को चीरकर नीचे 6-लेन के हाईवे पर दिल्ली का ट्रैफिक फर्राटे भरेगा.

गुरुग्राम, एयरपोर्ट और नोएडा वालों की मौज

इस प्रोजेक्ट के बनने से सिर्फ वेस्ट और साउथ दिल्ली ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम (Gurugram) और IGI एयरपोर्ट से आने-जाने वाले ट्रैफिक को भी सीधा फायदा मिलेगा. यही नहीं, NHAI ने एक और ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है. भविष्य में एम्स और महिपालपुर के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर का भी प्रस्ताव है, जो इस टनल को बारापुल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ देगा. इसका सीधा मतलब है कि वेस्ट और साउथ दिल्ली सीधे पूर्वी दिल्ली, नोएडा (Noida) और गाजियाबाद से कनेक्ट हो जाएंगे.

भीड़भाड़ खत्म करने का ‘डबल धमाका’

छतरपुर और महिपालपुर चौराहे पर लगने वाले महा-जाम को खत्म करने के लिए भी तगड़ा इंतजाम किया गया है. नेल्सन मंडेला मार्ग के समानांतर 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क, एक नया फ्लाईओवर और गाड़ियों को मुड़ने के लिए एलिवेटेड यू-टर्न भी बनाया जाएगा.

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रोजगार की भी होगी बौछार

इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से न केवल सफर का समय बचेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में आर्थिक गतिविधियों का ‘विस्फोट’ होगा. सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के निर्माण से करीब 17.34 लाख व्यक्ति-दिवस (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार) पैदा होंगे. साफ है, कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मोदी सरकार का यह ‘इन्फ्रा-हंटर’ दिल्ली वालों को ट्रैफिक के चंगुल से हमेशा के लिए आजाद करने की सबसे बड़ी गारंटी है.



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