प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (18 जनवरी) को असम का दौरा किया. उन्होंने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए भूमि पूजन किया साथ ही दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई. पीएम ने गुवाहाटी में आयोजित बागुरुम्बा द्वौ प्रोग्राम में शिरकत की और उसे भारत की संस्कृति की महानता बताया.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ‘बागुरुम्बा द्वौ’ कार्यक्रम को खूब सरहा. उन्होंने लिखा, “गुवाहाटी में आयोजित बागुरुम्बा द्वौ एक ऐसा अनुभव था जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा. जीवंत बोडो संस्कृति, दस हजार से अधिक लोगों की भागीदारी, शानदार लेजर शो और भी बहुत कुछ. यह देखकर खुशी हुई कि यह कार्यक्रम पूरे भारत में धूम मचा रहा है और लोग हमारी संस्कृति की महानता को सराह रहे हैं.”
Bagurumba Dwhou in Guwahati was an experience I’ll always remember. The vibrant Bodo culture, over 10,000 people taking part, a splendid laser show and more…
Glad to see this programme making waves all over India, with people appreciating the greatness of our culture. pic.twitter.com/HKfDgjenN5
— Narendra Modi (@narendramodi) January 18, 2026
कांग्रेस को विदेशी घुसपैठिए ज्यादा पसंद हैं- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी में लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम के लोगों को अपना नहीं मानती है. कांग्रेस के लोगों को विदेशी घुसपैठिए ज्यादा पसंद हैं, क्योंकि वे यहां आकर कांग्रेस के कट्टर वोट बैंक बन जाते हैं. इसलिए कांग्रेस के राज में विदेशी घुसपैठिए आते रहे, असम की लाखों बीघा जमीन पर कब्जा करते रहे और कांग्रेस सरकार उनकी मदद करती रही.
उन्होंने कहा कि जब हम असम की कला, संस्कृति और पहचान का सम्मान करते हैं, तो कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें तकलीफ हो जाती है. असम का सम्मान कांग्रेस के लोगों को अच्छा नहीं लगता. कांग्रेस ने भूपेन हजारिका जी को भारत रत्न देने का विरोध किया था. कांग्रेस के कर्नाटक सरकार के मंत्री ने असम में सेमीकंडक्टर यूनिट का विरोध किया था.
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दूरी को कम करने काम बीजेपी ने किया- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा हमेशा दूरी की रही है. दूरी दिलों की और दूरी स्थानों की रही. दशकों तक यहां के लोगों को ये महसूस होता रहा कि देश का विकास दूसरी जगह हो रहा है और वे पीछे छूट रहे हैं. इसका असर सिर्फ अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा, बल्कि भरोसे पर भी पड़ा. इस भावना को बदलने का काम भाजपा ने किया.
-भारत एक्सप्रेस
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