PM Modi Review Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में साफ कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल को और मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभागों से जुड़े राज्य के मंत्रियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और नियमित अंतराल पर बैठकें आयोजित करें.
मंत्रालयों को नया मॉडल अपनाने का सुझाव
पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने हाल ही में राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों की तीन दिवसीय बैठक की थी, जिसे उन्होंने खुद संबोधित किया था. अब उन्होंने अन्य मंत्रालयों को भी इसी तरह का मॉडल अपनाने की सलाह दी है ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बन सके.
अगला सम्मेलन कौन करेगा?
सूत्रों के अनुसार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अगली ऐसी बैठक आयोजित कर सकता है. इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय भी इसी तरह के सम्मेलन पर विचार कर रहा है. इन बैठकों का मकसद सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करना है.
जल शक्ति मंत्रालय की बैठक
1-2 सितंबर को नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय ने राज्यों के जल संसाधन मंत्रियों के साथ दो दिन की बैठक की थी. इसमें जल से जुड़े बुनियादी ढांचे, जल स्रोतों की स्थिरता, ‘जल संचय जन भागीदारी’ और ‘जल जीवन मिशन 2.0’ जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक के अंतिम सत्र में पीएम मोदी ने भी राज्यों के मंत्रियों से बातचीत की. इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन भी मौजूद थे.
ये भी पढ़ें-ब्राह्मण, मुस्लिम या कोई और… UP में कांग्रेस को चाहिए नया बॉस, अजय राय की कुर्सी पर संकट?
क्या होगा फायदा?
इस नए मॉडल से केंद्रीय मंत्रियों को सीधे राज्य के मंत्रियों से बात करने का अवसर मिलेगा. मंजूरी में देरी, फंड की कमी, जमीन न मिलने जैसी समस्याओं पर खुलकर चर्चा हो सकेगी. साथ ही, राज्य सरकारें अपने सफल अनुभव साझा कर पाएंगी जिन्हें अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है. इससे योजनाओं का क्रियान्वयन तेज और व्यवस्थित होगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




