PM Modi CCS Meeting
PM Modi CCS Meeting: पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की विशेष बैठक की अध्यक्षता की. इस मुद्दे पर यह चौथी विशेष बैठक थी, जिसमें देश की ऊर्जा सुरक्षा, उर्वरकों की उपलब्धता, भारतीय नागरिकों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव ने मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों, एलएनजी, एलपीजी और अन्य आवश्यक ईंधनों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है. सरकार ने एलपीजी की आपूर्ति के लिए विभिन्न देशों से खरीद के विकल्प बढ़ाए हैं, जिससे किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम हुई है. साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से अधिक उत्पादन कर रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है.
बैठक में प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा हुई. सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों का तेजी से विस्तार कर रही है, जबकि राष्ट्रीय गैस ग्रिड, एलएनजी आयात सुविधाओं और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है. इन कदमों का उद्देश्य घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना और ऊर्जा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है.
उर्वरकों की उपलब्धता पर ली रिपोर्ट
आगामी रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता भी बैठक का अहम विषय रही. सरकार ने मौजूदा भंडार और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया तथा वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करने के विकल्पों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी स्थिति में उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े और समय पर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.
बैठक में संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया. प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिसके माध्यम से नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जा सके.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय नागरिकों और विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा है. उन्होंने सभी संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को समन्वित रूप से कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए.
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बताया आवश्यक
बैठक में प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सौर ऊर्जा सहित अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया. उनका कहना था कि स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार न केवल आयातित ईंधनों पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि भविष्य में वैश्विक संकटों के प्रभाव को भी सीमित करेगा.
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बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और “समूची सरकार” (Whole of Government) के दृष्टिकोण के साथ सभी मंत्रालय मिलकर काम करेंगे. उन्होंने नियमित निगरानी और त्वरित निर्णयों के लिए एक समन्वित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच देश के नागरिकों, अर्थव्यवस्था और आवश्यक आपूर्ति शृंखला के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें.
-भारत एक्सप्रेस
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