प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. पश्चिम एशिया में बदल रही स्थिति को देखते हुए यह बैठक बुलाई गई.
Watch | Prime Minister Narendra Modi chairs a high-level meeting to review the situation related to petroleum, crude oil, gas, power, and fertiliser sectors in view of the evolving West Asia situation.@PMOIndia | @narendramodi | @AmitShah | @AmitShahOffice | @DefenceMinIndia |… pic.twitter.com/V7ZfDjwKW9
— United News of India (@uniindianews) March 22, 2026
बैठक का उद्देश्य
बैठक में मुख्य ध्यान देश में इन जरूरी चीजों की आपूर्ति बिना रुके जारी रखने पर था. लॉजिस्टिक्स को स्थिर बनाए रखना और पूरे देश में कुशल वितरण सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण था. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कोई कमी न आए.
प. एशिया की स्थिति
पश्चिम एशिया में घटनाएं तेजी से बदल रही हैं. ऐसे में भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करनी है. बैठक में पेट्रोलियम और कच्चे तेल की उपलब्धता, गैस की आपूर्ति, बिजली क्षेत्र की तैयारी और उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला पर विस्तार से चर्चा हुई.
सरकार की तैयारियां
सरकार का फोकस है कि पेट्रोल, डीजल, गैस, बिजली और खेती के लिए जरूरी उर्वरक हर जगह आसानी से मिलते रहें. बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी मौजूद थे. उन्होंने वर्तमान स्टॉक, आयात विकल्प और वैकल्पिक रास्तों पर रिपोर्ट दी.
लोगों पर असर
आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है. अगर पश्चिम एशिया की स्थिति और खराब होती है तो भी देश में ईंधन और उर्वरक की कीमतें स्थिर रहें और सप्लाई चेन प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा.
प्रधानमंत्री का निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा देश की प्रगति के लिए जरूरी है. सभी विभागों को समन्वय से काम करना चाहिए. बैठक में रक्षा, विदेश और वित्त मंत्रालय के मंत्री भी शामिल थे.
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