Shibu Soren Passed Away: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है. शिबू सोरेन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गहरा दुख जताया और उनके पुत्र व झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की.
PM Modi ने निधन पर जताया शोक
प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. पीएम मोदी (PM Modi) ने पोस्ट में लिखा, “शिबू सोरेन एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने जनता के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में ऊंचाइयों को छुआ. वे आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए विशेष रूप से समर्पित थे. उनके निधन से दुख हुआ. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की और संवेदना व्यक्त की.”
Shri Shibu Soren Ji was a grassroots leader who rose through the ranks of public life with unwavering dedication to the people. He was particularly passionate about empowering tribal communities, the poor and downtrodden. Pained by his passing away. My thoughts are with his…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 4, 2025
शिबू सोरेन के निधन की खबर मिलते ही झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेतओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. शिबू सोरेन का संपूर्ण राजनीतिक जीवन आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय पहचान की लड़ाई को समर्पित रहा. उन्होंने झारखंड राज्य के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई और आदिवासी समाज की आवाज को संसद तक पहुंचाया.
11 जनवरी 1944 को हुआ था जन्म
शिबू सोरेन का जन्म बिहार के हजारीबाग में 11 जनवरी 1944 को हुआ था. उन्हें दिशोम गुरु और गुरुजी के नाम से जाना जाता था. उन्होंने आदिवासियों के शोषण के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी. 1977 में उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, 1980 से वह लगातार कई बार सांसद चुने गए.
बिहार से अलग राज्य ‘झारखंड’ बनाने के आंदोलन में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही है. वे तीन बार (2005, 2008, 2009) झारखंड के मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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