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PM मोदी, CM फडणवीस और अडानी ने खोला ‘विकसित भारत’ का गेटवे, नवी मुंबई एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया. यह हवाई अड्डा भारत के विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह अडानी समूह के लिए भी एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण था.

PM Modi Navi Mumbai Airport adani
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Navi Mumbai International Airport: महाराष्‍ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) का उद्घाटन किया. यह सिर्फ देश के बुनियादी ढांचे के लिए नहीं, बल्कि अडानी समूह के लिए भी एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण था. अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने इस परियोजना को ‘विकसित भारत’ के विजन का प्रतीक बताते हुए कहा, “हमने सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं बनाया है. हमने भारत को एक प्रवेश द्वार के रूप में और दुनिया के सबसे अपरिहार्य क्रॉसरोड्स में से एक के रूप में आर्किटेक्ट किया है.”

बता दें कि इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की 74% हिस्सेदारी है. गौतम अडानी का मानना है कि NMIA की विशाल 90 MPPA क्षमता और अत्याधुनिक तकनीक आज की मांग को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि ‘कल की एक्स्पोनेंशियल संभावनाएं’ पैदा करने के लिए तैयार की गई है, जो ‘वैश्विक प्रगति के केंद्र’ में भारत के स्थान को पुनर्स्थापित करेगी.

मुंबई का नया और शानदार गेटवे तैयार

मुंबई ने आखिरकार डबल एयरपोर्ट सिस्टम का अपना दशकों पुराना सपना पूरा कर लिया है. अब तक भीड़भाड़ से जूझ रहे छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) का बोझ कम करने के लिए, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) मुंबई का नया और शानदार गेटवे बनकर तैयार है. पनवेल के पास उल्वे में 1,160 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट, पूरी तरह तैयार होने पर हर साल 9 करोड़ यात्रियों को संभालने की ताकत रखेगा. यह सिर्फ मुंबई नहीं, बल्कि ठाणे, पुणे, रायगढ़ और कोंकण बेल्ट तक की कनेक्टिविटी को जबरदस्त रफ्तार देगा.

ज़हा हदीद आर्किटेक्ट्स ने बनाया डिज़ाइन

NMIA की सबसे खास बात है इसका डिज़ाइन. इसे दुनिया की मशहूर आर्किटेक्ट फर्म ज़हा हदीद आर्किटेक्ट्स ने बनाया है, जिन्होंने भारत के राष्ट्रीय पुष्प कमल से प्रेरणा ली है. टर्मिनल की छत कमल की पंखुड़ियों जैसी दिखती है, और बीच का हिस्सा कमल के तालाब जैसा लगता है. इस डिज़ाइन का मकसद सिर्फ सुंदर दिखना नहीं है, बल्कि यात्रियों को एक शांत और सहज माहौल देना है. इस एयरपोर्ट की खूबसूरती ‘लोटस’ (कमल) की तरह है. कमाल की बात यह है कि यह कलाकारी सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसमें प्राकृतिक रोशनी और पैसिव कूलिंग जैसी टिकाऊ खूबियां भी हैं.

Navi Mumbai Airport adani

इकोनॉमी का नया इंजन

  • NMIA केवल उड़ानों के लिए नहीं बना है, बल्कि यह महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का नया इंजन है.
  • शुरुआती चरण में यह 2 करोड़ यात्री संभालेगा, लेकिन पूरी क्षमता पर यह 9 करोड़ यात्रियों को संभालकर मुंबई को दुबई, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे ग्लोबल एविएशन हब की कतार में खड़ा कर देगा.
  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एयरपोर्ट महाराष्ट्र की GDP में 0.5% की बढ़ोतरी करेगा और खरबों रुपये का विदेशी निवेश आकर्षित करेगा. रियल एस्टेट की कीमतें भी आस-पास के इलाकों में 30% तक उछल सकती हैं.
  • इस एयरपोर्ट को माल ढुलाई (Air Freight) के लिए भी डिज़ाइन किया गया है, जो पहले चरण में 5 लाख टन कार्गो संभालने की क्षमता रखेगा.
  • यहां AI मॉनिटरिंग वाला पूरी तरह से ऑटोमेटेड कार्गो टर्मिनल होगा. सबसे बड़ी बात, JNPT पोर्ट से इसकी नज़दीकी इसे समुद्र-हवाई मार्ग से ट्रांसशिपमेंट के लिए एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर बनाती है.

दो दशकों की मेहनत रंग लाई

इस प्रोजेक्ट का सफर आसान नहीं रहा. मुंबई एयरपोर्ट की भीड़ कम करने के लिए 2007 में इसे कैबिनेट की मंजूरी मिली थी, लेकिन पर्यावरण मंजूरी, गाँव वालों के पुनर्वास और इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौतियों के चलते इसे दो दशक लग गए. 2021 में अडानी समूह ने 16,700 करोड़ की PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) परियोजना को संभाला, जिससे काम में तेजी आई. अब, टेस्ट लैंडिंग और 20 MPPA की शुरुआती क्षमता के साथ, NMIA तैयार है—जो न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचे और संतुलित शहरी विकास के प्रति महाराष्ट्र की प्रतिबद्धता को भी दुनिया के सामने रखेगा.

एयरपोर्ट अब ‘शॉपिंग डेस्टिनेशन’ भी

NMIA को सिर्फ एक आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि ‘डेस्टिनेशन’ के तौर पर डिज़ाइन किया गया है. एयरपोर्ट प्रशासन नॉन-एरोनॉटिकल रेवेन्यू (जो वैश्विक हब में 40% तक होता है) पर खास जोर दे रहा है. इसके लिए, यहाँ 110 रिटेल और खाने-पीने की दुकानें होंगी, जिसमें 1,800 वर्ग मीटर में ड्यूटी-फ्री शॉप्स भी शामिल हैं. एयरपोर्ट के बाहर भी मनोरंजन और डाइनिंग ज़ोन बनाए जा रहे हैं ताकि आम लोग भी यहाँ आ सकें. साथ ही, 67 जनरल एविएशन स्टैंड प्रीमियम यात्रियों को भी आकर्षित करेंगे. यानी, NMIA ने ‘यात्री से उत्पाद’ की रणनीति अपनाई है, ताकि हर यात्री का अनुभव शानदार और यादगार बने.

परियोजना विकसित भारत 2047 का रास्ता

गौतम अडानी के लिए NMIA सिर्फ एक सफल PPP मॉडल का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह भारतीय उद्यमिता की उस अदम्य भावना का प्रतीक है, जो वैश्विक मानकों को चुनौती देने और उन्हें पार करने का माद्दा रखती है. अडानी समूह ने इस परियोजना में 74% हिस्सेदारी के साथ यह सुनिश्चित किया है कि यह हवाई अड्डा सर्वोत्तम तकनीक, स्थिरता और सांस्कृतिक पहचान का मेल बने. जैसा कि अडानी ने जोर देकर कहा कि इस टर्मिनल से होने वाली हर उड़ान न केवल यात्रियों को, बल्कि एक सुपरपावर बनने की धड़कन और राष्ट्र की महत्वाकांक्षाओं को ढोएगी. यह परियोजना, ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, एक अपरिहार्य विश्व शक्ति के रूप में भारत के उदय की गारंटी है.

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