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‘आज ऐसा लगा जैसे भगवान से मिला हूं’, रोम में पीएम मोदी से मिलकर भावुक हुए प्रवासी भारतीय

पीएम मोदी के इटली दौरे पर रोम में प्रवासी भारतीय उनसे मिलकर भावुक हो गए. इतालवी कलाकारों ने जहां भरतनाट्यम और कथक से उनका भव्य स्वागत किया, वहीं एक इतालवी चित्रकार ने उन्हें काशी घाट की खूबसूरत पेंटिंग भेंट की.

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इटली यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने रोम में भारतीय समुदाय के लोगों से गर्मजोशी से मुलाकात की. पीएम मोदी से मिलकर प्रवासी भारतीय काफी भावुक नजर आए. लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत को हमेशा उनके जैसे प्रधानमंत्री मिलते रहने चाहिए, ताकि देश विकास और कल्याण की राह पर तेजी से आगे बढ़ता रहे. एक प्रवासी नागरिक ने तो यहां तक कहा कि “आज मुझे ऐसा लगा जैसे मैं भगवान से मिला हूं.”

इटली में सनातन धर्म का प्रचार और बढ़ते मंदिर

इस मौके पर सनातन धर्म संघ के सदस्यों ने भी पीएम मोदी से खास बातचीत की. एक सदस्य ने बताया कि उनकी पिछली मुलाकात के समय इटली में 22 हिंदू मंदिर थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर लगभग 40 हो गई है. यह संगठन इटली में सनातन धर्म का प्रचार करने के साथ-साथ वहां के बच्चों को संस्कृत पढ़ाने, योग सिखाने और भारतीय संस्कृति के बारे में जागरूक करने का काम कर रहा है.

इतालवी चित्रकार ने भेंट की काशी घाट की पेंटिंग

मुलाकात के दौरान इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी ने प्रधानमंत्री मोदी को काशी के घाटों की एक खूबसूरत पेंटिंग भेंट की. उन्होंने बताया कि इस पेंटिंग के जरिए वे दिखाना चाहते थे कि एक इतालवी कलाकार की नजर में भारत के रंग और उनके नजरिए के बीच एक गहरा सेतु मौजूद है. पीएम मोदी ने इस कलाकृति की सराहना की और इसके बारे में जानकारी ली, जिसे बनाने में चित्रकार को लगभग दो हफ्ते का समय लगा था.

भारतीय शास्त्रीय नृत्य से हुआ सांस्कृतिक स्वागत

रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय और इतालवी कलाकारों द्वारा भव्य सांस्कृतिक स्वागत किया गया. इस दौरान इतालवी नर्तकों ने शानदार भरतनाट्यम, कथक और कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुत किए. इसके साथ ही संगीतकारों ने भारतीय शास्त्रीय वाद्ययंत्र बजाकर वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया और भारतीय संस्कृति की झलक पेश की.

नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.



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