Bharat Express DD Free Dish

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने बताया सुरक्षित बैंकिंग का मंत्र, ‘केवाईसी’ और ‘री-केवाईसी’ को बताया सुरक्षा कवच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में केवाईसी, री-केवाईसी और नियमित पासवर्ड बदलने के महत्व पर जोर दिया.

PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में केवाईसी, री-केवाईसी और नियमित रूप से पासवर्ड बदलने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “सही केवाईसी और समय पर री-केवाईसी आपके बैंक खाते को सुरक्षित रखती है. सशक्त नागरिक बनें, क्योंकि सशक्त नागरिक ही मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे.”

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए कहा कि वे डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर पहले भी विस्तार से बात कर चुके हैं. इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से सतर्क रहने की जरूरत है.

केवाईसी और री-केवाईसी से बढ़ती है बैंकिंग सुरक्षा

केवाईसी (नो योर कस्टमर) के बारे में बताते हुए, जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा की जाने वाली एक अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया है, प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि बैंक से केवाईसी या री-केवाईसी का संदेश मिले तो घबराना नहीं चाहिए, भले ही पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हो, क्योंकि यह आपके पैसे की सुरक्षा के लिए होता है.

उन्होंने कहा, “आज पेंशन, सब्सिडी, बीमा, यूपीआई सब कुछ बैंक से जुड़ा है. इसलिए समय-समय पर री-केवाईसी करना जरूरी है.”

प्रधानमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ अपराधी फर्जी कॉल और लिंक भेजकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं, इसलिए नागरिकों को ऐसे जाल में नहीं फंसना चाहिए.

उन्होंने कहा, “केवाईसी या री-केवाईसी केवल बैंक की शाखा, आधिकारिक ऐप या अधिकृत माध्यम से ही करें. किसी के साथ भी अपनी जानकारी या ओटीपी साझा न करें.” साथ ही उन्होंने नियमित रूप से पासवर्ड बदलने की सलाह दी.

इस बीच, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भविष्य में एआई की ताकत के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है.

उन्होंने कहा, “समिट में मुझे दुनिया के नेताओं और टेक कंपनियों के सीईओ से मिलने का अवसर मिला. इस सम्मेलन में बताया गया कि एआई किस तरह जानवरों के इलाज में मदद कर रहा है और किसान चौबीसो घंटे एआई के माध्यम से अपनी डेयरी और पशुओं की निगरानी कर रहे हैं.”

ये भी पढ़ें: मन की बात में पीएम मोदी ने छात्रों को दिया मंत्र, कहा- ‘मार्कशीट से तय नहीं होता आपका मूल्य’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read