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एनर्जी, ट्रेड और टेक्नोलॉजी..; साथ बैठ पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस शेख खालिद तो क्या निकला?

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ एक अहम द्विपक्षीय बैठक की है.

Prime Minister Narendra Modi holding a high-level bilateral meeting with Abu Dhabi Crown Prince Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan during the 18th BRICS Summit in New Delhi.

भारत की अध्यक्षता में राजधानी के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के दौरान कूटनीतिक मुलाकातों का सिलसिला चरम पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को सम्मेलन से इतर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan) के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की. बैठक से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का अभिवादन किया, जो दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती को बयां करता है.

दिग्गज अधिकारियों की मौजूदगी में हुई चर्चा

इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इससे साफ है कि इस मुलाकात में कूटनीति, रक्षा और सुरक्षा जैसे बेहद अहम मुद्दों पर मंथन किया गया है.

व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मिल रही नई मजबूती

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शुक्रवार को ही नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया था. विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह यात्रा भारत और यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का एक बड़ा अवसर है, जो मुख्य रूप से मजबूत व्यापार, टेक्नोलॉजी, निवेश, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है.

किस दृष्टिकोण पर आधारित है BRICS सम्मेलन

भारत शनिवार से दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इस साल की थीम ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है, जो प्रधानमंत्री मोदी के “मानवता सर्वोपरि” (Humanity First) के दृष्टिकोण को दर्शाती है. इस समूह में अब ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और यूएई जैसे देश शामिल हैं, जबकि कई देश इसके सहयोगी (Partner Countries) के रूप में जुड़े हैं.

साल 2026 में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह लगातार उच्चस्तरीय संवाद इस बात का प्रमाण है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं. क्राउन प्रिंस का यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक रिश्तों को एक ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले जा रहा है.



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